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कानपुर-आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार, इस कंपनी को मिला 201 मेट्रो कोच का ठेका

कानपुर-आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार, इस कंपनी को मिला 201 मेट्रो कोच का ठेका

नई दिल्ली। उत्‍तर प्रदेश की राजधानी से सटी उद्योग नगरी कानपुर और ताज नगरी आगर में जल्‍द पटरी पर मेट्रो रेल दौड़ेगी। प्रदेश सरकार के इस ड्रीम प्रोजक्‍ट ने अब रफ्तार पकड़ ली हैं। प्रदेश सरकार ने चाइलीज कंपनी के टेंडर को दर किनार करते हुए ट्रेन कोच तैयार करने के लिए मेसर्स बॉम्बार्डियर कंपनी को ये ठेका दिया हैं। कंपनी का दावा है कि आगरा और कानपुर में शुरु की जा रही इस मेट्रो सेवा से 1.4 मिलियन यात्री प्रत्‍येक दिन लाभान्वित होंगे। जानिए इस कंपनी को जिसे मिला हैं कानपुर-आगरा के बीच चलने वाली मेंट्रो ट्रेन के लिए कोच बनाने का कान्‍ट्रेक्‍ट और क्या होगी खासियत ?

इतने करोड़ कहा है ये प्राेजेक्‍ट

इतने करोड़ कहा है ये प्राेजेक्‍ट

कनाडाई फर्म बॉम्बार्डियर की भारतीय शाखा ने सोमवार को कहा कि उसने आगरा-कानपुर मेट्रो परियोजना के लिए उपकरणों की आपूर्ति और सिग्नलिंग बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 2,051 करोड़ रुपये का अनुबंध किया है। कंपनी के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "भारत के ऑपरेटरों द्वारा 1,000 से अधिक Movia मेट्रो कारें और 200 किमी सिटीफ्लो सिग्नलिंग इस देश को बॉम्बार्डियर के सबसे बड़े मेट्रो बाजारों में से एक है।"

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    65 सप्ताह के भीतर कोचों की सप्लाई शुरू करने के निर्देश दिए

    65 सप्ताह के भीतर कोचों की सप्लाई शुरू करने के निर्देश दिए

    बता दें पिछले दिनों उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) ने कानपुर और आगरा में चलने वाली मेट्रो के कोचों के निर्माण का काम चीनी कंपनी को देने के बजाए मेसर्स बॉम्बार्डियर को आवंटित किया। ये बॉम्बार्डियर कंपनी गुजरात वडोदरा के पास स्थित प्लांट मेट्रो कोचों का निर्माण करेगी। मालूम हो कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ की लखनऊ मेट्रो कोचों का उत्पादन चेन्नई से किया था। लखनऊ के लिए अस्सी कोचों का निर्माण किया गया था। मेक इन इंडिया मुहिम को गति देते हुए यूपीएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने बॉम्बार्डियर कंपनी को 65 सप्ताह के भीतर कोचों की सप्लाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। लखनऊ की तर्ज पर कानपुर व आगरा के कोच भी सीबीटीसी यानी कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम आऔर कॉन्टीन्युअस ऑटोमेटिक ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (सीएटीएस) होगा। भविष्य में या जरूरत पड़ने पर बिना ड्राइवर के भी चलाए जा सकेंगे।

    एक कोच में 325 यात्री आसानी से बैठ सकेंगे

    एक कोच में 325 यात्री आसानी से बैठ सकेंगे

    उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) प्रबंध निदेशक, कुमार केशव ने बताया कि हमारे पास कानपुर और आगरा मेट्रो परियोजनाओं को बहुत ही सख्त समय सीमा के भीतर शुरु करने की जिम्मेदारी है। बॉम्बार्डियर द्वारा भारत में निर्मित तीन-कारों में से प्रत्येक के 67 उच्च-अंत अत्याधुनिक अत्याधुनिक रेलसेट्स का विनिर्माण और आपूर्ति, "मेक इन इंडिया" भारत के सपने में को पंख मिलेगा। उन्‍होंने बताया कि कानपुर व आगरा में न्यू मेट्रो पालिसी के तहत तीन कोच वाली मेट्रो चलाई जाएगी। यह कोच लखनऊ मेट्रो से थोड़ा लंबे होंगे और एक कोच में 325 यात्री आसानी से बैठ सकेंगे।जबकि लखनऊ में चल रही मेट्रो में 274 यात्री सवार हो सकते हैं।

    मेट्रो की गति सीमा 80 किमी./घंटा निर्धारित की गई

    मेट्रो की गति सीमा 80 किमी./घंटा निर्धारित की गई

    पीएमआरसी ने रोलिंग स्टॉक्स और सिगनलिंग सिस्टम के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग की गई थी। इसके तहत चार अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। तकनीकी आकलन में चीनी कंपनी को अयोग्य घोषित कर दिया गया। फ़ाइनैंशल बिड के लिए तीन बिडर्स को चुना गया और सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी/कॉन्सोर्सियम मे. बॉम्बार्डियर इंडिया प्राइवेट लि. तीन जुलाई को कोचों को बनाने की जिम्मेदारी दे दी गई। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बताया कि कानपुर व आगरा में चलने वाली मेट्रो की गति सीमा 80 किमी./घंटा निर्धारित की गई है।

    दो मिलियन लोगों को मिलेगा लाभ

    दो मिलियन लोगों को मिलेगा लाभ

    बॉम्बार्डियर ट्रांसपोर्टेशन में भारत के प्रबंध निदेशक राजीव जोइसर ने कहा, "नई मेट्रो कारों को स्थानीय रूप से डिजाइन और निर्मित किया जाएगा, और रेल नियंत्रण भारत में हमारी परियोजना वितरण टीमों द्वारा सुसज्जित किया जाएगा। आगरा और कानपुर मेट्रो रेल परियोजनाओं में दो सार्वजनिक गलियारों को जोड़ने वाले दो गलियारे होंगे, जिनमें ताजमहल, और शहर के क्लस्टर क्षेत्र शामिल हैं, दोनों शहरों के लिए एक स्थायी और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है। कानपुर में चार मिलियन और आगरा में दो मिलियन लोगों के लिए, मेट्रो बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।

    भारत में मेट्रो ट्रेन बनाने वाली सबसे बड़ी है ये कंपनी

    भारत में मेट्रो ट्रेन बनाने वाली सबसे बड़ी है ये कंपनी

    आधिकारिक बयान में कहा गया है कि रोलिंग स्टॉक को भारत के हैदराबाद में ग्लोबल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी सेंटर में डिज़ाइन किया जाएगा। भारत में, बॉम्बार्डियर सबसे बड़े रोलिंग स्टॉक प्रदाताओं में से एक और दिल्ली मेट्रो के लिए सबसे बड़ा सिग्नलिंग समाधान आपूर्तिकर्ता है, जो दुनिया के अग्रणी मेट्रो ऑपरेटरों में से एक है। 2007 से, कुछ 816 मेट्रो कारों का आदेश दिया गया है और 140 किमी से अधिक मेट्रो लाइनों को बॉम्बार्डियर की सिग्नलिंग तकनीक से लैस किया गया है।

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