नीतीश कुमार को कन्हैया ने कहा थैंक्यू, बोले- ये भाजपा सांसद के मुंह पर तमाचा है
प्रशांत किशोर को जेडीयू से निकाले जाने के एक दिन बाद ही कन्हैया कुमार ने सीएम नीतीश को Thank You बोला है, जानिए क्यों
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और एनआरसी को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। दिल्ली के शाहीन बाग में जहां पिछले करीब डेढ़ महीने से नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शनकारी धरने पर बैठे हुए हैं तो वहीं गुरुवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर बड़ी संख्या में लोग इस कानून के विरोध में सड़कों पर उतरे। बिहार में भी अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोगों ने सीएए, एनपीआर और एनआरसी का विरोध किया। इस बीच जेएनयू के पूर्व छात्र और बिहार की बेगूसराय सीट से लोकसभा चुनाव लड़ चुके कन्हैया कुमार ने सीएम नीतीश कुमार को थैंक यू बोला है।
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ये था वो मामला, जिसके लिए कन्हैया ने कहा- थैक्यू
दरअसल गुरुवार को कन्हैया कुमार और कांग्रेस विधायक शकील अहमद खान ने अपने समर्थकों के साथ पश्चिमी चंपारण के भितिहरवा से नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ अपना मार्च निकालना शुरू किया। कुछ दूर चलने के बाद पुलिस ने इन लोगों को रोकते हुए कहा कि आप लोगों के विरोध मार्च को दी गई इजाजत कैंसल कर दी गई है। इस पर कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने स्थानीय सांसद और बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल के कहने पर उनके विरोध मार्च को रोका है। देखते ही देखते मौके पर हंगामा खड़ा हो गया, जिसके बाद पुलिस ने कन्हैया कुमार और कांग्रेस विधायक को हिरासत में ले लिया।

सीएम नीतीश ने लगाई अधिकारियों को फटकार
नीतीश कुमार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सीएम ने जब टीवी न्यूज चैनलों पर इस हाई वोल्टेज ड्रामे को देखा तो उन्होंने तुरंत जिला प्रशासन को फोन मिलाया और विरोध मार्च रोके जाने को लेकर फटकार लगाई। सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार ने जिले के आला अधिकारियों और पुलिस अफसरों को निर्देश देते हुए कहा कि कि विरोध-प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है और यह सरकार की ड्यूटी है कि वो प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा मुहैया कराए। सीएम नीतीश की ओर से फटकार पड़ने के बाद पुलिस प्रशासन ने ना केवल विरोध मार्च को इजाजत दी, बल्कि सभा स्थल तक पहुंचने तक प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा भी प्रदान की।

'कन्हैया को हिरासत में नहीं लिया गया'
मामले को लेकर पश्चिमी चंपारण के डीएम नीलेश रामचंद्र देवरे ने जानकारी देते हुए बताया, 'कानून व्यवस्था को देखते हुए कन्हैया कुमार को रैली करने की इजाजत नहीं दी गई थी। कन्हैया कुमार को केवल भितिहरवा में विरोध मार्च निकालने और उसे वहीं खत्म करने की इजाजत थी, जिसकी सूचना उन्हें पहले ही दे दी गई थी। हालांकि आयोजक बेतिया में रैली करने को लेकर अड़ गए और कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने लगी। हालांकि इस दौरान कन्हैया कुमार को ना तो गिरफ्तार किया गया और ना ही हिरासत में लिया गया। उन्हें हिरासत में लिए जाने की खबरें गलत हैं।'

सीएम नीतीश के कदम को लेकर चर्चाएं तेज
इसके बाद जब प्रशासन ने विरोध मार्च निकालने और रैली की इजाजत दी तो कन्हैया कुमार ने सीएम नीतीश को धन्यवाद देते हुआ कहा कि यह भाजपा सांसद के मुंह पर एक तमाचा है। आपको बता दें कि कन्हैया कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की कई मौकों पर आलोचना कर चुके हैं। बिहार में जेडीयू और बिहार के गठबंधन की सरकार है, ऐसे में सीएए के खिलाफ कन्हैया कुमार के विरोध मार्च को इजाजत देने के नीतीश के कदम को लेकर सियासी गलियारों में भी कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं, पिछले दिनों नीतीश कुमार ने संकेत दिए थे कि वो फिलहाल एनपीआर के मौजूदा स्वरूप को लागू करने के मूड में नहीं हैं।












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