जेफ बेजोस के सपनों को उड़ान दे रहीं है भारत की बेटी,अंतरिक्ष रॉकेट बनाने वाली ब्लू ओरिजिन टीम का हैं हिस्सा

नई दिल्‍ली, 17 जुलाई। अमेजन के संस्थापक और अरबपति जेफ बेजोस 20 जुलाई को ब्लू ओरिजिन के पहले मानव अंतरिक्ष यान न्यू शेफर्ड में उड़ान भरने जा रहे हैं। महाराष्ट्र के कल्याण निवासी संजल गावंडे वो यंग गर्ल हैं जो जेफ बेजोस के लिए अंतरिक्ष रॉकेट बनाने वाली ब्लू ओरिजिन टीम का हिस्सा है।

ब्लू ओरिजिन टीम का हिस्सा हैं कल्याण में जन्मीं ये इंजीनियर

ब्लू ओरिजिन टीम का हिस्सा हैं कल्याण में जन्मीं ये इंजीनियर

महज 30 वर्षीय संजल उस टीम का हिस्सा हैं जिसने बेजोस की अंतरिक्ष अन्वेषण कंपनी ब्लू ओरिजिन के लिए रॉकेट सिस्टम न्यू शेपर्ड बनाया था। नगर निगम कर्मचारी की बेटी संजल गावंडे कल्याण के कोलसेवाड़ी इलाके में रहती हैं। उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की और फिर पोस्‍ट ग्रेजुएशन करने के लिए अमेरिका में मिशिगन टेक्नोलॉजिक यूनिवर्सिटी चली गईं।कोर्स को करते हुए, गावंडे ने अपने स्‍लेबस में एक विषय के रूप में एयरोस्पेस का विकल्प चुना।

कल्‍याण के नगर निगम कर्मचारी की बेटी संजल गावंडे

कल्‍याण के नगर निगम कर्मचारी की बेटी संजल गावंडे

इंडिया टुडे से बात करते हुए, संजल गावंडे के माता-पिता ने कहा कि बेटी ने आखिरकार वह हासिल कर लिया है जिसका उसने लक्ष्य निर्धारित किया था। "वह हमेशा एक अंतरिक्ष यान का निर्माण करना चाहती थी और यही कारण है कि उसने मिशिगन टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में अपनी मास्टर्स डिग्री का करते हुए एयरोस्पेस को एक विषय के रूप में चुना। उनके पिता अशोक गावंडे ने कहा मेरी बेटी ने विस्कॉन्सिन में मास्टर्स पूरा करने के बाद मर्करी मरीन के साथ काम किया। फिर वह टोयोटा रेसिंग डेवलपमेंट के साथ काम करने गई कैलिफोर्निया के ऑरेंज सिटी में रही।

संजल के पास अमेरिका में पायलट लाइसेंस भी है

संजल के पास अमेरिका में पायलट लाइसेंस भी है

संजल गावंडे को अमेरिका में एक कार्मसियल पायलट लाइसेंस भी मिला था। वह ब्लू ओरिजिन में शामिल होना चाहती थी। वह वेबसाइट देखती और फिर जब भी कुछ भी उसमें शुरूआत देखती तो आवेदन करती। उसके आवेदन को मंजूरी मिलने के बाद, उसने इंटरव्‍यू को भी मंजूरी दे दी और ब्लू ओरिजिन में शामिल हो गई। हमने बस उसका समर्थन किया और उसने अपने दम पर सब कुछ हासिल किया।"

नोट - सभी फोटो सोशल मीडिय से ली गई हैं

लोंगो ने कहा संजल ने लड़की होकर मैकेलिनक इंजीनियरिंग क्‍यों चुनी लड़की होकर मैकेलिनक इंजीनियरिंग क्‍यों चुनी

लोंगो ने कहा संजल ने लड़की होकर मैकेलिनक इंजीनियरिंग क्‍यों चुनी लड़की होकर मैकेलिनक इंजीनियरिंग क्‍यों चुनी

संजल गावंडे की मां सुरेखा ने कहा, "वह बचपन से ही एक खामोश और शांत रहती है और पढ़ाई में अच्छी थी। वह ड्राइंग में भी अच्छी थी और कई मैडल जीते लेकिन बाद में मैकेनिकल इंजीनियरिंग को चुना उसे मैकेनिकल डिजाइन में मदद की।" "लोगों ने हमें कहा कि संजल तो लड़की है और उसने मैकेनिकल इंजीनियरिंग का विकल्प क्यों चुना है? मैंने कभी-कभी सोचा कि क्या वह इतनी मेहनत कर पाएगी। उसने अब हम सभी को गौरवान्वित किया है। उसने एयरोस्पेस रॉकेट डिजाइन करने का सपना देखा था और उसने इसे हासिल कर लिया है।

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