'सीपीएम नेता शामिल, न्याय में देरी क्यों?',हेमा कमेटी की रिपोर्ट पर जेपी नड्डा ने केरल सरकार को घेरा
JP Nadda On Hema Committee Report: मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के काले सच को उजागर करती जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट के बाद पूरे देश में सनसनी फैल गई। यह रिपोर्ट के जरिए फिल्म इंडस्ड्री में महिलाओं के साथ होने वाली ज्यादती का खुलासा हुआ है। ऐसे में बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जस्टिस हेमा पैनल की रिपोर्ट को लेकर केरल सरकार की जमकर आलोचना की है।
जेपी नड्डा ने रविवार को हेमा समिति की रिपोर्ट के बाद मलयालम फिल्म उद्योग में यौन उत्पीड़न के पीड़ितों को न्याय में देरी के लिए केरल सरकार पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि इस मामले में कम्युनिस्ट पार्टी के नेता शामिल हैं।

केरल के पलक्कड़ में प्रमुख हस्तियों के साथ बातचीत के दौरान जेपी नड्डा ने देरी के पीछे की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, "हेमा समिति की रिपोर्ट के साथ न्याय में देरी क्यों? उन्हें (केरल सरकार को) क्या रोक रहा है? आपको क्या परेशान कर रहा है? क्योंकि आप इसका अभिन्न अंग हैं। यह कुछ ऐसा है जिसे आप छिपाना चाहते हैं क्योंकि आपके लोग इसमें शामिल हैं।"
जेपी नड्डा ने आगे कहा कि मुझे यह कहते हुए बहुत खेद है कि हेमा समिति की रिपोर्ट में बहुत स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कम्युनिस्ट पार्टी के नेता इसमें शामिल हैं। मुख्यमंत्री को सामने आकर बताना चाहिए कि वास्तव में क्या हुआ था।
बता दें कि 19 अगस्त को सार्वजनिक की गई जस्टिस हेमा समिति की रिपोर्ट मलयालम सिनेमा उद्योग में सत्ता के गठजोड़ और उद्योग में महिलाओं द्वारा सामना किए जाने वाले यौन शोषण को उजागर करती है। गवाहों और आरोपियों के नाम एडिट करने के बाद प्रकाशित 235 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि मलयालम फिल्म उद्योग पर लगभग 10 से 15 पुरुष निर्माता, निर्देशक और अभिनेता हावी हैं और इंडस्ट्री पर नियंत्रण रखते हैं।
केरल हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में इस तीन सदस्यीय पैनल का गठन राज्य सरकार द्वारा 2017 में किया गया था। हालांकि इसे दिसंबर 2019 में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के प्रशासन को सौंप दिया गया था, लेकिन इसे हाल ही में सार्वजनिक किया गया है। जिसके बाद भूचाल आ गया है।












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