JNU violence: दो वॉट्सएप ग्रुप के स्क्रीनशॉट हुए वायरल, क्या हमले से पहले हुई थी ये प्लानिंग?

नई दिल्ली। राजधानी स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में रविवार को हुई हिंसा के बाद कुछ वॉट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं। जिसके बाद से दावा किया जा रहा है कि छात्रों और शिक्षकों पर हुआ ये हमला सुनियोजित था और इसकी योजना वॉट्सएप ग्रुप्स के जरिए बनाई गई थी। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस हिंसा को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ा माना जा रहा है।

एबीवीपी ने आरोपों को खारिज किया

एबीवीपी ने आरोपों को खारिज किया

जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छात्र इकाई है। हालांकि एबीवीपी ने सभी तरह के आरोपों को खारिज कर दिया है। स्क्रीनशॉट की मानें तो शाम 5.30 बजे एक यूजर ने 'यूनिटी अगेनस्ट लेफ्ट' नाम के वॉट्सएप ग्रुप पर एक लिंक शेयर किया। एक अन्य ग्रुप का नाम 'फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस' बताया जा रहा है। जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के सदस्यों का कहना है कि ये यूजर एबीवीपी का नेता है और इसका नाम योगेंद्र भारद्वाज है। भारद्वाज दिल्ली विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग द्वारा अपलोड किए गए दस्तावेजों के अनुसार एडहॉक टीचर है। डीयू के कॉलेजों में कुछ पाठ्यक्रमों के लिए पीएचडी वालों को अक्सर अस्थायी शिक्षक के रूप में नियुक्त किया जाता है।

'साथियों के नंबर लेफ्ट संगठन ने एड किए हैं'

'साथियों के नंबर लेफ्ट संगठन ने एड किए हैं'

हालांकि जेएनयू की एबीवीपी इकाई के सचिव मनीष जांगिड़ ने कहा है कि वॉट्सएप ग्रुप तो है लेकिन उनके साथियों के नंबर लेफ्ट संगठन ने एड किए हैं, ताकि उन्हें बदनाम किया जा सके। एबीवीपी के नेशनल मीडिया कॉर्डिनेटर राहुल चौधरी ने भी इसमें एबीवीपी की कोई भूमिका होने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा, 'आजकल हम किसी को भी किसी भी ग्रुप में एड कर सकते हैं और स्क्रीनशॉट लेकर लोगों को बदनाम कर सकते हैं। अगर उनके पास सबूत हैं कि हमने वॉट्सएप ग्रुप पर योजना बनाई तो वो पुलिस को दें।' हालांकि भारद्वाज के नाम से जो नंबर है वो स्विच ऑफ आ रहा है।

'फेसबुक अकाउंट भी डिलीट कर दिया'

'फेसबुक अकाउंट भी डिलीट कर दिया'

रिपोर्ट के अनुसार, एक अन्य वॉट्सएप ग्रुप एबीवीपी के सदस्य विकास पटेल से जुड़ा पाया गया। पटेल से जुड़े फोन नंबर से 'फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस' नाम के ग्रुप में एक मैसेज किया गया, 'डीयू के लोग भी खजन सिंह स्विमिंग पूल से प्रवेश कर सकते हैं।' हालांकि ये नंबर भी अब बंद है। जेएनयूएसयू वाइस प्रेजिटेंट साकेत मून का कहना है, 'हममें से कई ने पटेल को हाथ में डंडा लेकर भीड़ के साथ कैंपस में देखा। उसने अपना फेसबुक अकाउंट भी डिलीट कर दिया है। वो एबीवीपी का मेंबर है और यहां छात्र है।' हालांकि चौधरी ने पटेल या फिर किसी भी एबीवीपी सदस्य द्वारा सोशल मीडिया अकाउंट बंद करने की बात खारिज कर दी है।

'तीसरा नंबर कांग्रेस से जुड़ा'

'तीसरा नंबर कांग्रेस से जुड़ा'

जेएनयूएसयू के सदस्यों का आरोप है कि कई अन्य लोग जो उन वॉट्सएप ग्रुप का हिस्सा थे और जिन्होंने ऐसे पोस्ट किए वो या तो एबीवीपी के सदस्य थे या फिर समर्थक थे। रिपोर्ट के मुताबिक एक तीसरा नंबर कांग्रेस से जुड़े राजनीतिक सलाहकार का पाया गया। ये नंबर आनंद मांगनले का निकला, उसका कहना है कि वह हमले को लेकर चेतावनी देने के लिए ग्रुप में एड हुआ था। उसने इसमें लिखा था, 'जेएनयू के समर्थन में जो लोग हैं वो मेन गेट पर आएं, वहां कुछ करना है।' मांगनले ने कहा कि वो लोगों की जासूसी करने के लिए ग्रुप में एड हुआ था।

तस्वीरें और वीडियो भी शामिल

तस्वीरें और वीडियो भी शामिल

उसने कहा, 'मैं 8.30 बजे वॉट्सएप ग्रुप में आया, घटना के तीन घंटे बाद। ताकि वहां से जानकारी मिल सके, मैंने अभिनय किया कि मैं उनमें से ही एक हूं।' हालांकि बाद में उसने कह दिया वो कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं है, बस लोकसभा चुनाव के समय पार्टी के साथ काम किया था। सोशल मीडिया पर वायरल इन पोस्ट में तस्वीरें और वीडियो भी शामिल हैं। एबीवीपी और जेएनयूएसयू हमले के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

सोशल मीडिया प्रोफाइल की सहायता ली जाएगी

सोशल मीडिया प्रोफाइल की सहायता ली जाएगी

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मंदीप सिंह रंधावा का कहना है कि क्राइम ब्रांच की टीम सोशल मीडिया की निगरानी कर रही है और वीडियो और तस्वीरें एकत्रित कर असली आरोपियों का पता लगाएगी। उन्होंने कहा, 'हमने जेएनयू के शिक्षक और छात्र दोनों से अनुरोध किया है कि हमें सारे वीडियो और तस्वीरें उपलब्ध करवाएं जो भी रविवार को हुई हिंसा से संबंधित हैं। मोबाइल वीडियो से निकाली गई नकाबपोश हमलावरों की तस्वीरें, जो सोशल मीडिया पर अपलोड की जा रही हैं, उसमें सोशल मीडिया प्रोफाइल की सहायता ली जाएगी। ताकि इनके बारे में पता चल सके।'

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+