JNUSU चीफ कन्हैया कुमार ने पूछताछ में किया खुलासा, नहीं लगाए देश विरोधी नारे
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। जेएनयू में देश विरोधी नारे को लेकर पूरे देश भर में घमासान मचा हुआ है। इसी बीच इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है जो इस विवाद का रूख पूरी तरह पलट सकता है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार हुए जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने नारे लगाने की बात से इंकार किया है।

उसने पुलिस को बताया कि 8 फरवरी को मेरी तबीयत खराब थी और 9 फरवरी को भी ज्यादातर वक्त मैं सोता रहा। 9 फरवरी की शाम को मैं तब उठा जब AISF के सदस्य मेरे पास आए और बताया कि जेएनयू प्रशासन ने कल्चरल इवेंट के लिए दी गई अनुमति रद्द कर दी है। मेरे साथियों ने बताया कि इवेंट वाली जगह पर डीएसयू और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प शुरू हो गई है। शाम को करीब साढ़े पांच बजे मैं साबरमती ढाबा पहुंचा, जहां डीएसयू का कार्यक्रम होना था।
उसने बताया कि जब मैं वहां पहुंचा, उसके पहले से ही नारेबाजी जारी थी और माहौल बिगड़ा हुआ था। JNUSU अध्यक्ष होने के नाते मैंने माइक लिया और सभी से शांत होने की अपील की। मैंने अपने भाषण में आरएसएस, मोदी सरकार और उसकी नीतियों का विरोध जताया। मैंने किसी भी तरह का देश विरोधी नारा नहीं लगाया। न ही ऐसी कोई बात कही। उसने पुलिस को बताया कि देश विरोधी नारे लगाने वाले ज्यादातर लोग जेएनयू छात्र नहीं थे और बाहर से आए थे।












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