झारखंड में BJP से अलग चुनाव लड़ीं JDU और LJP को कितनी सीटें मिलीं?
नीतीश कुमार की JDU और रामविलास पासवान की LJP ने झारखंड में भाजपा से अलग चुनाव लड़ा था...
नई दिल्ली। झारखंड में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। 81 सीटों वाली झारखंड विधानसभा में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और आरजेडी के महागठबंधन को बहुमत मिलता हुआ नजर आ रहा है। तीनों दलों के गठबंधन ने 41 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाई हुई है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ी हार मिलती हुई नजर आ रही है। इस चुनाव में भाजपा अकेले चुनाव लड़ी थी और केंद्र में उसके सहयोगी नीतीश कुमार की जेडीयू और रामविलास पासवान की एलजेपी ने झारखंड में अपने-अपने प्रत्याशी उतारे थे। आइए जानते हैं कि झारखंड विधानसभा चुनाव में जेडीयू और एलजेपी का हाल क्या रहा?

एक फीसदी भी नहीं रहा JDU-LJP का वोट शेयर
केंद्र और बिहार में भाजपा की सहयोगी जेडीयू और एलजेपी ने झारखंड के विधानसभा चुनाव में एनडीए से अलग चुनाव लड़ते हुए अपने-अपने प्रत्याशी उतारे थे। हालांकि दोनों दलों का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और किसी भी दल को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली। जेडीयू और एलजेपी को झारखंड के मतदाताओं ने पूरी तरह नकार दिया और दोनों दलों का वोट शेयर एक फीसदी तक भी नहीं पहुंच पाया। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक जेडीयू का वोट शेयर 0.70 फीसदी और एलजेपी का वोट शेयर 0.27 फीसदी रहा। इन दोनों दलों से ज्यादा वोट नोटा के पक्ष में गए। नोटा का वोट शेयर 1.5 फीसदी रहा।

जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी को बहुमत
आपको बता दें कि झारखंड में करीब महीने भर चले चुनावी संग्राम के बाद अब नतीजे धीरे-धीरे साफ होते जा रहे हैं। अब तक सामने आए चुनाव नतीजों पर गौर करें तो भाजपा सरकार बनाने की रेस से बाहर नजर आ रही है। जेएमएम-कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन प्रदेश में शानदार प्रदर्शन करते हुए, बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है। आंकड़ों में महागठबंधन बहुमत का आंकड़ा पार कर चुका है। पिछले एक साल के भीतर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और महाराष्ट्र के बाद झारखंड पांचवां राज्य है, जहां भारतीय जनता पार्टी के हाथ से सत्ता निकली है। हालांकि महाराष्ट्र और झारखंड में भाजपा सबसे बड़े दल के तौर पर उभरी, लेकिन सरकार बनाने से चूक गई है।

बीजेपी के हाथ से निकले कई राज्य
अगर हम पिछले करीब दो साल की स्थिति पर नजर डालें तो देश के कई राज्य बीजेपी के हाथ से निकल चुके हैं। इससे पहले साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान पंजाब की सत्ता से बीजेपी बाहर हो गई थी। पंजाब में एनडीए की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के साथ मिलकर बीजेपी सत्ता में थी। इसके बाद साल 2018 में हुए राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में पार्टी करारी शिकस्त मिली। ये तीनों ही राज्य भी बीजेपी से छिटक गए। तीनों ही जगह पर पार्टी को अपनी सरकार गंवानी पड़ी।












Click it and Unblock the Notifications