ओडिशा के मलकानगिरी में बुखार के आगे डॉक्टर बेबस, तांत्रिकों की शरण में मरीज
ओडिशा। ओडिशा के मलकानगिरी में जापानी इनसेफिलाइटिस बच्चों पर कहर बनकर टूट रहा है। इससे पिछले 19 दिन में 21 मौत हो चुकी हैं।

ओडिशा के मलकानगिरी में पिछले 19 दिन से कहर बनकर आए जापानी इनसेफिलाइटिस से लोग इस कदर घबरा गए हैं कि वो अपने बच्चों को लेकर तांत्रिकों से इलाज कराने पहुंच गए हैं।
मलकागिरी में जिले में संभावित जापानी इनसेफिलाइटिस (तेज बुखार) से हो रही मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। बीते 19 दिनों में इससे 21 बच्चों की मौत हो चुकी है तथा दर्जनों पीड़ितों का इलाज चल रहा है।
सूअर से मच्छर और फिर इंसान में पहुंचता है वायरस
मलकानगिरी के सीडीएमओ का कहना है कि बीमारी की रोकथान के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। जापानी इनसेफिलाइटिस नाम की इस बीमारी में बच्चों को तेज बुखार हेता है जिसका दिमाग पर भी असर होता है।
इस बीमारी से हुई मौत आठ साल से कम उम्र के बच्चों की हैं। इस बीमारी को वायरस से होने वाली माना जाता है। ये वायरस सूअर से मच्छर और फिर बच्चों तक पहुंचता है।
इस बीमारी का सबसे ज्यादा प्रकोप मलकानगिरी में हैं। वहीं जिला अस्पताल के पास ना तो दवाएं हैं ना विशेषज्ञ डॉक्टर। ऐसे में बीमारी भयंकर रूप ले रही है।
तांत्रिकों से इलाज करा रहे लोग
रोजाना हो रही बच्चों की मौतों से लोगों में इस कदर दहशत पैदा कर दी है कि लोग अपने बीमार बच्चों को लेकर डॉक्टरों को छोड़ तांत्रिकों का रुख कर रहे हैं।

मलकानगिरी इस बीमारी से पहली बार नहीं जूझ रहा है। वर्ष 2012 में जापानी इनसेफिलाइटिस के 54 पॉजीटिव केस मलकानगिरी जिले में पाए गए थे और 39 बच्चों की मौत हुई थी।
2014 में 11 पॉजीटिव केस पाए गए। इसके बावजूद जिला अस्पताल की इस बीमारी से लड़ने की तैयारी कितनी थी, इसकी पोल पिछले 20 दिन में खुल गई है।












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