जम्मू-कश्मीर : कल से प्राइवेट बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
Transport Strike in jammu: यूनियन ने सरकार से कोरोना काल के दौरान वसूले जाने वाले पैसेंजर टैक्स और टोकन टैक्स को भी माफ करने की मांग की है। वहीं उनका साफ कहना है कि जब तक सरकार किराए में बढ़ोतरी का फैसला नहीं करेगी, तब तक कमर्शियल वाहनों के पहिए जाम रहेंगे।

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के ट्रांसपोर्टरों ने 24 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी ट्रांसपोर्ट वाहन बुधवार से नहीं चलेंगे, जब तक ट्रांसपोर्टर्स की मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता है। एसोसिएशन के लोगों का कहना है कि लॉकडाउन अवधि के दौरान यात्री किराया और टोकन / यात्री कर माफ करने की मांग की है, लेकिन सरकार इस पर विचार नहीं कर रही है और ट्रांसपोर्टरों को आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है।
ऑल जेएंडके ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने राज्य सरकार पर रवैये से नाराज होकर इस कदम को उठाने को मजबूर किया है। संगठन के लोगों का कहना है कि अनिश्चित काल के लिए कश्मीर में लखनपुर (पंजाब की सीमा) से उरी तक सड़क से वाहनों को दूर रखा जाएगा। आम जनता को होने वाली असुविधा के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
जानकारी के मुताबिक पहल बार ट्रांसपोर्टरों ने इस तरह से हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद अब स्कूल-कॉलेज के छात्रों के साथ आम लोगों की भी परेशानियां बढ़ने वाली है। क्योंकि अगर संगठन की मांगों पर गौर नहीं किया गया तो ये हड़ताल लंबी चलेगी। वहीं 27 फरवरी से जेकेएसएसबी की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा भी शुरू होने वाली है। इसके अलावा जम्मू में सेना भर्ती भी जारी है।












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