J&K:पाकिस्तान की नई चाल, गिलगित-बाल्टिस्तान को पूर्ण प्रांत का दर्जा देने की तैयारी

नई दिल्ली- भारत इस वक्त एलएसी से जंग वाली स्थिति में है और इसी दौरान पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को लेकर एक बड़ी चाल चलने की कोशिश शुरू कर दी है। पाकिस्तान की सरकार ने कहा है कि उसने गिलगित-बाल्टिस्तान को पूर्ण प्रांत का दर्जा देने का मन बना लिया है और जल्द ही इसकी तामील कर दी जाएगी। जबकि, गिलगित-बाल्टिस्तान कानूनी रूप से भारत का भू-भाग है जिसपर उसने अवैध कब्जा कर रखा है। भारत पहले भी कई बार पाकिस्तान को हिदायत दे चुका है कि जो भारत की जमीन है, उसको लेकर वह कोई भी बड़ा फेरबदल करने से बाज आए। लेकिन, पाकिस्तान ने जानबूझकर ऐसे समय में इसकी पहल शुरू की है, जब भारत का पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव चल रहा है।

गिलगित-बाल्टिस्तान को पूर्ण प्रांत का दर्जा देने की तैयारी

गिलगित-बाल्टिस्तान को पूर्ण प्रांत का दर्जा देने की तैयारी

पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से खबर आ रही है कि इमरान खान की सरकार गिलगित-बाल्टिस्तान को पूर्ण प्रांत का दर्जा देने की तैयारी कर ही है। इस बात की जानकारी इमरान सरकार के एक बड़े मंत्री ने दी है। जबकि भारत ने पाकिस्तान को साफ लफ्जों में आगाह कर रखा है कि लीगल और इरेवोकेबल ऐक्सेशन के हिसाब से गिलगित-बाल्टिस्तान समेत पूरा संघ शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर एवं लद्दाख पूरी तरह से भारत का अभिन्न अंग है। पाकिस्तानी मीडिया एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान मामलों के मंत्री अली अमीन गंडापुर ने बुधवार को बताया कि पाकिस्तानी पीएम इमरान खान जल्द ही इलाके का दौरा करेंगे और गिलगित-बाल्टिस्तान को पूर्ण प्रांत का दर्जा देने की औपचारिक घोषणा करेंगे, जिसके बाद उसे सभी तरह के संवैधानिक अधिकार मिल जाएंगे। (तस्वीर सांकेतिक)

भारत ने खाली करने की दे रखी है हिदायत

भारत ने खाली करने की दे रखी है हिदायत

यही नहीं पाकिस्तानी मंत्री ने बताया है कि इमरान सरकार गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तानी नेशनल असेंबली और सीनेट समेत सभी संवैधानिक संस्थाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व भी देगी। गंडापुर ने कहा, 'सभी हिस्सेदारों से सलाह-मशवरे के बाद फेडरल सरकार ने सैद्धांतिक तौर पर गिलगित-बाल्टिस्तान को सभी संवैधानिक अधिकार देने का फैसला किया है।' भारत ने पाकिस्तान सरकार या उसकी न्यायपालिका से पहले ही कह रखा है कि उसके द्वारा गैर-कानूनी और जबरन कब्जा किए गए क्षेत्र में उसे किसी तरह के हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है। भारत जम्मू और कश्मीर क्षेत्र के अंतर्गत इसके पाकिस्तानी कब्जे वाले इलाके में इस तरह की किसी भी कार्रवाई और बड़े बदलाव की लगातार कोशिशों को पूरी तरह से खारिज करता है। मई में विदेश मंत्रालय ने पीओको में पाकिस्तान की ओर से होने वाले बदलाव के प्रयासों का विरोध करते हुए इमरान सरकार से कहा था, उसे उन इलाकों को तत्काल खाली कर देना चाहिए, जिसपर उसने गैर-कानूनी कब्जा कर रखा है।

मोकपोंदास स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर शुरू होगा काम-गंडापुर

मोकपोंदास स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर शुरू होगा काम-गंडापुर

गंडापुर ने ये भी कहा है कि चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीसीई) के तहत मोकपोंदास स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर भी काम शुरू किया जाएगा। सीपीईसी बलूचिस्तान के ग्वादर पोर्ट से चीन के शिंजियांग प्रांत को जोड़ता है। यह चीन के शी जिनपिंग सरकार की अरबों डॉलर की महत्वाकांक्षी परियोजना बेल्ट एंड रोड इनिसिएटिव का हिस्सा है। भारत चीन से इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहा है, क्योंकि यह कॉरिडोर भीभारत के उस इलाके से गुजरता जो पीओके के रूप में पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है।

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