मैं बात करूंगा... अनंतनाग में शहीद कर्नल, मेजर, डीएसपी का परिवार से किया आखिरी वादा जो रह गया अधूरा
Encounter martyred Last conversation: जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग इलाके में आतंकियों से मुठभेड़ करते हुए देश के तीन जांबाज सपूतों ने धरती मां की रक्षा करते हुए प्राण न्यौछावर कर दिए। आतंकी ऑपरेशन में कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोनैक और डीएसपी हुमायूं भट्ट की शहादत ने पूरे देश की आंखें नम कर दी हैं, वहीं शहीद हुए इन वीर सपूतों के परिवार के पास अब केवल उनकी यादें बची हैं। शहीद हुए देश के वीर सपूतों ने अपने परिवार से फोन पर आखिरी वादा किया था वो अब सदा के लिए अधूरा ही रह गया...

मैं फोन करता हूंं....
आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ करते हुए बुधवार को शहीद हुए 19 राइफल्स के 41 वर्षीय कमाडिंग ऑफिसर मनप्रीत सिंह ने आखिरी बार सुबह 6.45 पर अपने परिवार से बात की थी। चंडीगढ़ के रहने वाले कर्नल मनप्रीत के ससुर वीरेंद्र गिल ने बताया हमने कर्नल मनप्रीत से आखिरी बार सुबह बात की थी तब उन्होंने कहा था कि मैं बाद में फोन करता हूं...लेकिन अब कर्नल मनप्रीत का कभी फोन नहीं आएगा। 2022 में सेना मेडल से सम्मानित हुए कर्नल मनप्रीत की शहादत पर दुखी सुसुर ने कहा मैं उन्हें आखिरी सेल्यूट करता हूं।
अक्टूबर में घर आने का किया था वादा...
अनंतनाग में आतंकियों से मुठभेड़ करते हुए शहीद हुए मेजर आशीष धनिक हरियाणा के पानीपत के रहने वाले थे। शहीद मेजर का महज दो साल की बेटी है। डेढ़ महीने पहले मेजर छुट्टियों पर अपने घर आए थे। आखिरी बार जब उन्होंने अपने परिवार से बात की तब उन्होंने कहा था कि वो अक्टूबर में फिर घर आएंगे। शहीद हुए मेजर के चाचा ने कहा हमें क्या पता था कि अब वो कभी नहीं लौटेगा।
जवान बेटे का पार्थिक शरीर देख थम गए पिता के कदम
अनंतनाग में जम्मू कश्मीर पुलिस डीएसपी हुमायूं भट्ट भी शहीद हुए हैं। उनके पिता गुलाम हसन भट्ट पुलिस में सेनानिवृत्त महानिरीक्षक थे। शहीद हुए बेटे के पार्थिक शरीर पर पिता जब पुष्प अर्पित करने पहुंचे चंद मिनट के लिए वो वहां सन्न होकर खड़े होकर निहारते ही रहे। बेटे के पार्थिक शरीर तक पहुंचने के वो 10 कदम उनकी जिंदगी के सबसे भारी कदम थे। बेटे को अंतिम विवाई देते हुए पिता के इस वीडियो ने सभी की आंखें नम कर दी हैं। पिता को क्या पता था वो अपने बेटे को आखिरी बार इस हालत में मिलेंगे।
एक महीने पहले बाप बने हुमायुं बेटे को लेकर संजो रहे थे कई सपने
शहीद हुमांयू के घर में एक महीने पहले ही खुशियां आई थी, हुमायूं की पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया था। पिता बनने पर हुमायुं बहुत खुश थे। बेटे के जन्म के बाद हुमायुं अपनी पत्नी के साथ अपने बेटे को लेकर कई सपने संजो रहे थे लेकिन....!
जम्मू कश्मीर पुलिस के जांबाज DSP हुमायूं भट्ट के को अंतिम विदाई देने के लिए बडगाम हुमहामा में बड़ी संख्या में हुजूम इकट्ठा हुआ और सभी ने आवाम की रक्षा के लिए शहादत देने वाले कश्मीर के वीर सपूत को नम आंखों से रुखसत किया।












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