जामिया नहीं, आरोपी के निशाने पर था शाहीन बाग, एक ऑटो ड्राइवर की वजह से बदली सारी कहानी

जामिया में फायरिंग करने वाले शख्स के निशाने पर शाहीन बाग था, लेकिन एक ऑटो ड्राइवर की वजह से सारा मामला बदल गया...

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हाथ में तमंचा (देसी कट्टा) लिए एक शख्स ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे लोगों पर फायरिंग कर दी। इस शख्स की फायरिंग में जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी का एक छात्र घायल हो गया, जिसके हाथ में गोली लगी। इस दौरान दिल्ली पुलिस मूक दर्शक बनी खड़ी रही। हालांकि बाद में पुलिस ने इस शख्स को गिरफ्तार कर लिया और घायल छात्र को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इस शख्स के निशाने पर शाहीन बाग था, लेकिन एक ऑटो ड्राइवर की वजह से बड़ी वारदात होने से टल गई।

पुलिस पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पुलिस पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों ने बताया, 'आरोपी किशोर से हुई पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है कि उसका निशाना दिल्ली का शाहीन बाग था, जहां पिछले करीब डेढ़ महीने से भी ज्यादा समय से प्रदर्शनकारी नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं। किशोर ने घर से निकलते वक्त अपने परिजनों से कहा कि वो स्कूल जा रहा है, लेकिन स्कूल ना जाकर वो बस पकड़कर दिल्ली आ गया। यहां उसने अपने एक दोस्त से देसी कट्टा मांगा और शाहीन बाग के लिए निकल पड़ा। किशोर को नहीं पता था कि शाहीन बाग के लिए किस रास्ते से और कैसे जाना है।'

'आगे रास्ता बंद है, शाहीन बाग के लिए पैदल जाना होगा'

'आगे रास्ता बंद है, शाहीन बाग के लिए पैदल जाना होगा'

पुलिस सूत्रों ने आगे बताया, 'आरोपी किशोर ने वहां जाने के लिए एक ऑटो पकड़ा, लेकिन ऑटो ड्राइवर ने उसे जामिया नगर इलाके में उतारते हुए कहा कि आगे रास्ता बंद है, इसलिए वो शाहीन बाग नहीं जा सकता। ऑटो ड्राइवर ने उसे बताया कि वो पैदल चलकर वहां तक जा सकता है। ऑटो से उतरने के बाद किशोर ने जामिया नगर में देखा कि कुछ प्रदर्शनकारी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ मार्च निकाल रहे हैं। इसके बाद किशोर उसी जगह पर रुक गया। करीब एक घंटे बाद उसने फेसबुक लाइव किया और अचानक से भीड़ के बीच में जाकर अपना तमंचा निकाल लिया।'

आरोपी को किए का कोई पछतावा नहीं

आरोपी को किए का कोई पछतावा नहीं

इसके बाद आरोपी किशोर ने नारेबाजी करते हुए तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक छात्र घायल हो गया। इस दौरान दिल्ली पुलिस के जवान भी वहां मौजूद थे। गोली लगने के बाद घायल छात्र को अस्पताल ले जाया गया है। घायल छात्र का नाम शादाब है, जिसे इलाज के बाद शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी किशोर को अपने किए का कोई पछतावा नहीं है। पूछताछ में पता चला है कि फायरिंग करने वाला आरोपी सोशल मीडिया, वॉट्सएप वीडियो और टीवी की होने वाली कवरेज से काफी हद तक प्रभावित था।

पहले से बना रखी थी फायरिंग की योजना?

पहले से बना रखी थी फायरिंग की योजना?

आपको बता दें कि इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस की मौजूदगी में इतनी बड़ा घटना कैसे हुई। वहीं आम आदमी पार्टी ने घटना को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा है। वहीं इस मामले में यह भी सामने आया है कि गोली चलाने वाले शख्स ने फायरिंग की योजना काफी पहले से बना रखी थी। यही नहीं, हमलावर ने अपने फेसबुक पेज पर 'शाहीन बाग खेल खत्म' और 'चंदन का बदला' जैसी पोस्ट भी लिखी हुईं थी।

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