Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bihar News: जल-जीवन-हरियाली अभियान से बिहार में हरित क्रांति, हरित आवरण 15.5 प्रतिशत के पार

बिहार के जल-जीवन-हरियाली अभियान ने बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने और नर्सरी विकसित करने से राज्य के हरित आवरण को 15.5% तक काफी बढ़ा दिया है। 2019 से सक्रिय इस कार्यक्रम ने नर्सरी और आजीविका दीदियों के साथ-साथ किसानों और स्वयं सहायता समूहों को लाभ पहुंचाते हुए, वानिकी गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण रोज़गार के अवसर पैदा किए हैं, जबकि जलवायु लचीलापन का भी समर्थन किया है।

बिहार में करीब सात वर्ष पहले शुरू किए गए जल-जीवन-हरियाली अभियान का पर्यावरण संरक्षण पर व्यापक असर दिखाई देने लगा है। राज्य में बड़े पैमाने पर पौधरोपण और पौधशालाओं के निर्माण से हरित आवरण में तेजी से वृद्धि हुई है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।

Jal-Jeevan-Haryali Boosts Bihar Green Cover

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभियान के तहत अब तक राज्य में 21 करोड़ 24 लाख 97 हजार 366 पौधे लगाए जा चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप बिहार में हरित आवरण बढ़कर 15.5 प्रतिशत तक पहुंच गया है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से वर्ष 2019 से जल-जीवन-हरियाली अभियान का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर हरित क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है।

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 में सबसे अधिक 4 करोड़ 6 लाख 1 हजार 631 पौधे लगाए गए। इसके अलावा वर्ष 2025-26 में 3 करोड़ 37 लाख 93 हजार 997, वर्ष 2023-24 में 3 करोड़ 31 लाख 8 हजार 362, वर्ष 2022-23 में 2 करोड़ 72 लाख 41 हजार 89, वर्ष 2021-22 में 3 करोड़ 31 लाख 8 हजार 904, वर्ष 2020-21 में 3 करोड़ 26 लाख 19 हजार 678 और वर्ष 2019-20 में 1 करोड़ 48 लाख 13 हजार 705 पौधे लगाए गए।

लगातार हो रहे सघन पौधरोपण के कारण राज्य में हरित क्षेत्र का दायरा तेजी से बढ़ा है। सरकार ने वर्ष 2028 तक हरित आवरण को 17 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

अभियान के तहत पौधरोपण से ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिली है। फलदार पौधों के रोपण से किसानों की आय में वृद्धि हुई है, वहीं स्वयं सहायता समूहों और जीविका दीदियों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। नर्सरियों में पौधे तैयार कर समूह की सदस्य और जीविका दीदियां सालाना लाखों रुपये की कमाई कर रही हैं।

राज्य में सड़कों के किनारे, नहरों के आसपास, सार्वजनिक स्थलों, विद्यालय परिसरों, सरकारी कार्यालयों और ग्राम पंचायत क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया गया है, जिससे हरित क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है।

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन एक गंभीर चुनौती बन चुका है। इससे निपटने के लिए पौधरोपण बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन की दिशा में सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अभियान के जरिए राज्य में हरित क्षेत्र का विस्तार हुआ है और लाखों जीविका दीदियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+