संसद में भी बंगाल जैसा हिंसा का कल्चर लाना चाहती है TMC, सांतनु सेन पर कार्रवाई के बाद बोले अश्विनि वैष्णव
नई दिल्ली, 23 जुलाई। संसद के मानसून सत्र के दौरान जिस तरह से आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के भाषण के दौरान टीएमसी सांसद शांतनु मिश्रा ने मंत्री के बयान के कागज को उनसे छीनकर फेक दिया उसके बाद इस मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। अश्विनी वैष्णव ने टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा कि टीएमसी अब संसद में हिंसा की संस्कृति को लेकर आ रही है। बता दें कि पेगासस जासूसी कांड पर अश्विनी वैष्णव राज्यसभा में बयान दे रहे थे इसी दौरान शांतनु सेन ने उनका कागज छीन कर उसे फाड़ दिया।

इस घटना के बाद राज्यसभा के चेयरमैन वेंकैया नायडू ने शांतनु सेन को मानसून सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया है। शांतनु सेन के खिलाफ मोशन पास किया गया औ दिल्ली की तिलक नगर मार्केट अगले 5 दिनों के लिए बंद, कोरोना नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाईर ध्वनि मत के बाद वेंकैया नायडू ने शांतनु सेना से सदन से बाहर जाने को कहा। राज्यसभा से सस्पेंड होने के बाद अश्विनी वैष्णव ने कहा कि टीमसी की संस्कृति हिंसा की है बंगाल में और अब ये लोग इसी संस्कृति को संसद में भी लाने की कोशिश कर रहे हैं। आखिर ये लोग आने वाली पीढियों के सांसद को क्या संदेश देना चाहते हैं।
बता दें कि पेगासस जासूसी कांड पर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। विपक्ष केंद्र से इस मामले की जांच की मांग कर रहा है। जबकि सरकार ने साफ कर दिया है कि इस पूरे मामले में सरकार का कोई रोल नहीं है, यह रिपोर्ट पूरी तरह से निराधार है और इसमे कोई तथ्य नहीं है। इन आरोपों पर अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये रिपोर्ट्स सिर्फ देश के लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए हैं और स्थापित संस्थाओं की छवि को धूमिल करने का प्रयास है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नेड्डा ने भी विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष देश की विकास की यात्रा को बाधित कर रहा है, विपक्ष अपनी राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए यह सब कर रहा है।












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