इशरत जहां मामले की जांच करने वाले IPS को गृह मंत्रालय ने किया बर्खास्त, पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली, 13 सितंबर: इशरत जहां एनकाउंटर की जांच करने वाले आईपीएस अधिकारी सतीश चंद्र वर्मा ने अपनी बर्खास्ती के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गृह मंत्रालय ने सीनियर आईपीएस को उनके रिटायरमेंट के एक महीना पहले बर्खास्त कर दिया गया है। उन्होंने इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर केस में सीबीआई की मदद की थी। वहीं आईपीएस अधिकारी वर्मा की बर्खास्तगी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 19 सितंबर तक रोक लगा दी है।

सतीश चंद्र वर्मा 1986 बैच के गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वे 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होने वाले थे। हालांकि, इससे एक महीने पहले 30 अगस्त को ही उन्हें निलंबित कर दिया गया। अपने निलंबन को वर्मा ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसी पर फैसला लेते हुए कोर्ट ने आईपीएस अफसर के निलंबन के आदेश को रोक दिया।
आईपीएस अफसर सतीश चंद्र वर्मा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय केा 19 सितंबर तक बर्खास्तगी को लागू नहीं करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने अपने स्टे में साफ कहा है कि इस दौरान वर्मा राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकेंगे।
वर्मा को बर्खास्त किये जाने का आदेश जारी करने के कारण का अभी पता नहीं चला है। अगर वर्मा की बर्खास्तगी का आदेश लागू होता है, तो उन्हें पेंशन और अन्य फायदे नहीं मिलें। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वर्मा की आखिरी पदस्थापना तमिलनाडु में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिरीक्षक के तौर पर थी।












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