International Women's Day: भारत में जन्मीं बेटियों ने दुनियाभर में लहराया परचम, जानिए कामयाबी की कहानी
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर होम मेकर की भूमिका के अलावा देश निर्माण में अभूतपूर्व योगदान देने वाली महिलाओं की प्रेरक कहानियों को याद किया जाता है। खास बात ये कि इनकी कहानियां पीढ़ियों को प्रेरित करती हैं।

International Women's Day के मौके पर जानिए पांच ऐसी भारतीय महिलाओं की कहानी जिन्होंने अपने टैलेंट की बदौलत दुनियाभर में भारत का नाम रोशन किया। वैश्विक पटल पर इंडिया का परचम लहराने वाली भारत की ये बेटियां आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों को याद करने के इस खास मौके पर भारतीय महिलाओं पर एक नजर,जिन्होंने व्यवसाय की दुनिया में अपनी छाप छोड़ी है।
महिला दिवस 2023 आठ मार्च को सेलिब्रेट किया जाएगा। इस मौके पर पांच भारतीय महिला सीईओ पर एक नजर जिनसे हर युवा भारतीय लड़की प्रेरणा हासिल कर सकती है। लैंगिक असमानता के कारण जूझने वाली इन महिलाओं ने अंधेरे के चीरने के बाद न केवल अपने जीवन में प्रकाश फैलाया, बल्कि दुनियाभर की महिलाओं के सामने संघर्ष से सफलता की मिसाल कायम की।
Leena Nair
लीना नायर फ्रेंच लग्जरी ग्रुप चैनल की ग्लोबल सीईओ हैं। एक्सएलआरआई जमशेदपुर के एक पूर्व छात्र, नायर 1992 में एचयूएल, यूनिलीवर की भारतीय सहायक कंपनी से करियर शुरू करने वाली लीना ने 30 वर्षों तक कंपनी में काम किया। रैंक बढ़ती गई और लीना पहली महिला और सबसे कम उम्र की मुख्य मानव संसाधन (HR) अधिकारी बनीं। लीना नायर ने फैशन पावरहाउस चैनल में शामिल होने के लिए 2021 में यूनिलीवर छोड़ दिया।
Kiran Mazumdar Shaw
किरण मजूमदार-शॉ बेंगलुरु में बायोटेक्नोलॉजी फर्म बायोकॉन की संस्थापक और कार्यकारी अध्यक्ष हैं। अरबपति पहली पीढ़ी के उद्यमी, परोपकारी, भारत की सबसे अमीर महिलाओं में से एक हैं। सोशल मीडिया एक्टिविटी के दौर में किरण की पहचान एक सक्रिय ट्विटर यूजर की भी रही है। युवा उद्यमियों को प्रेरित करने के मोर्चे पर भी किरण बेहद सक्रिय रहती हैं।

Falguni Nayar
फाल्गुनी नायर नायका की संस्थापक और सीईओ हैं। स्टॉक एक्सचेंज में आने वाली भारत की पहली महिला-नेतृत्व वाली कंपनी नायका भारत की सबसे अमीर महिलाओं में गिनी जाने वाली नायर के नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन कर रही है। 50 साल की उम्र में इन्होंने अपने खुद के 2 मिलियन डॉलर से नायका की शुरुआत की। उन्होंने अपनी खुद की कंपनी शुरू करने के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल के प्रबंध निदेशक के रूप में अपनी नौकरी छोड़ दी।

Revathi Advaithi
रेवती अद्वैती लंबे समय से एसटीईएम में महिलाओं की हिमायती हैं। फ्लेक्स के सीईओ, अद्वैती बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (बीआईटीएस) की पूर्व छात्रा रेवती ने ईटन में शॉप फ्लोर सुपरवाइजर के रूप में अपना करियर शुरू किया था।
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Devika Bulchandani
ओगिल्वी की ग्लोबल सीईओ, देविका बुलचंदानी, विज्ञापन एजेंसी की प्रमुख बनने वाली भारतीय मूल की पहली व्यक्ति हैं। "फियरलेस गर्ल" अभियान के पीछे इनकी अहम भूमिका रही। यही वो महिला हैं जिन्होंने वॉल स्ट्रीट के चार्जिंग बैल के प्रतीक को उसके सामने एक युवा लड़की की मूर्ति के साथ चुनौती दी थी।













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