Bangladesh: बांग्लादेश से लाखों घुसपैठियों को भारत में धकेलने की प्लानिंग, ISI की सबसे बड़ी साजिश का खुलासा!
Bangladesh Protests: बांग्लादेश के वर्तमान हालातों और वहां व्याप्त हिंसा के बीच भारतीय सीमाओं पर सुरक्षा और चौकसी बढ़ा दी गई है। खुफिया एजेंसियों ने एक बड़ा अलर्ट जारी करते हुए आगाह किया है कि पड़ोसी देश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का फायदा उठाकर भारत में बड़े पैमाने पर घुसपैठ की तैयारी की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, बांग्लादेशी सुरक्षा बलों की व्यस्तता का लाभ उठाकर ISI समर्थित संगठन भारत की आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करने की फिराक में हैं। उनकी योजना लाखों की संख्या में लोगों को भारतीय सीमा में धकेलने की है ताकि देश की व्यवस्था को चरमराया जा सके।

खुफिया इनपुट यह भी बताते हैं कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों के दौरान इस गतिविधि में तेजी आ सकती है, क्योंकि उस समय सुरक्षा एजेंसियां चुनावी प्रबंधन में व्यस्त होंगी।
इस साजिश के दो मुख्य पहलू सामने आए हैं:
- 1. डेमोग्राफिक चेंज: ISI की कोशिश बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की भारी घुसपैठ कराकर वहां की जनसांख्यिकी (Demography) बदलने की है।
- 2. आतंकी घुसपैठ: भीड़ की आड़ में प्रशिक्षित आतंकियों को भारतीय सीमा के भीतर प्रवेश कराना, ताकि देश के विभिन्न हिस्सों में अस्थिरता पैदा की जा सके।
- 3. शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से बांग्लादेश में ISI का प्रभाव बढ़ा है, जिससे भारत के लिए सीमावर्ती चुनौतियां और अधिक गंभीर हो गई हैं।
दुर्गम रास्तों और मजबूरी का फायदा
खुफिया ब्यूरो (IB) के मुताबिक, घुसपैठिए मुख्य रूप से असम, त्रिपुरा और बंगाल के उन रास्तों का चयन कर रहे हैं जहां नदी मार्ग, घने जंगल या कम दृश्यता (Low Visibility) जैसी भौगोलिक चुनौतियां हैं।
इसके साथ ही, ISI ने पिछले कुछ महीनों में आर्थिक रूप से कमजोर रोहिंग्याओं और बांग्लादेशी नागरिकों को निशाना बनाया है। उन्हें पैसों का लालच देकर ट्रेनिंग कैंपों में भर्ती किया गया है और आतंकी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। पिछले एक साल से एक्टिव इन कैंपों में हजारों हताश युवाओं को भारत विरोधी साजिशों का हिस्सा बनाया जा रहा है।












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