Inside Story: अंतरिक्ष में तबाही, चारों ओर आग ही आग, ISRO ने कैसे बचाए अपने 50 उपग्रह?
अंतरिक्ष में पिछले हफ्ते आए एक शक्तिशाली तूफान ने भारी तबाही मचाई। स्पेस एजेंसियों ने कहा कि तूफान सूर्य के सबसे सक्रिय क्षेत्र में देखा गया, जहां कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के चलते भयंकर तबाही आई। इस दौरान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) पूरी तरह अलर्ट पर था। सोलर स्टार्म (Solar Storm) ने पृथ्वी के साथा चंद्रमा समेत अन्य ग्रहों पर भी असर डाला। इस विनाशकारी सौर तूफान के बीच अपने उपग्रहों को बचाने के लिए इसरो ने विशेष तैयारी की थी।
पृथ्वी पर इस महीने टकराने वाला सोलर स्टॉर्म बेहद शक्तिशाली था। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि इस सौर तूफान का न केवल ग्रह पर, बल्कि ग्रह और चंद्रमा के आसपास के बुनियादी ढांचे पर भी असर डाला। ये तूफान इस इस महीने यानी 8 और 9 मई को आया।

ISRO ने की विशेष निगरानी
इसरो के पास उपग्रहों का एक लंबा नेटवर्क है। ऐसे में सोलर स्टार्म की संकेत मिलने से पहले ही भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने तैयारियां शुरू कर दी थीं। अपने 50 से अधिक उपग्रहों की सुरक्षा के लिए एजेंसी ने 30 भूस्थैतिक उपग्रहों का नेटवर्क को अलर्ट पर रखा। लगातार अंतरिक्ष में हो रहे बदलावों को ट्रैक किया गया।
8 और 9 मई अंतरिक्ष में क्या हुआ?
पिछले हफ्ते आए सोलर स्टार्म के दौरान पूरे सौर मंडल में प्लाज्मा फैल गया। जिसके चलते पृथ्वी समेत सौर मंडल के कई ग्रह प्रभावित हुए। इसरो ने एक बयान में कहा कि सौर मंडल में आए शक्तिशाली तूफान के दौरान वायुमंडलीय घनत्व बढ़ने के साथ तेजी से तापमान में वृद्धि देखी गई।
इसरो ने की विशेष निगरानी
भू-चुंबकीय उथल-पुथल के स्पष्ट संकेतों पर गहरी नजर रखते हुए, एमसीएफ टीम सतर्क रही, और सौर सामग्री के पृथ्वी की ओर बढ़ने पर संपत्तियों की सुरक्षा के लिए तेजी से कार्य करने के लिए तैयार रही। जैसे-जैसे सौर तूफान आगे बढ़ा टेंशन बढ़ गई। इलेक्ट्रो मैग्नेटिक इफेक्ट के चलते स्पेस में कृत्रिम उपग्रहों को भारी नुकसान की आशंका थी। एक बयान में इसरो ने कहा, "नेविगेशन सेंटर ने अब तक NaVIC सेवा मेट्रिक्स में कोई महत्वपूर्ण गिरावट नहीं देखी गई, जो भू-चुंबकीय तूफान के भी नगण्य संकेत देखे गए।"
एमसीएफ बना वॉच सेंटर
कर्नाटक के हासन और मध्य प्रदेश के भोपाल में इसरो की मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी (MCF) हमारे ग्रह की परिक्रमा करने वाले उपग्रहों की विशेष निगरानी की गई। बता दें कि एमसीएफ इसरो के उपग्रहों के जीवनकाल के दौरान उपग्रहों की प्रारंभिक कक्षा उन्नयन, कक्षा में पेलोड परीक्षण और कक्षा में संचालन से संबंधित संचालन करता है। ऑपरेशन में निरंतर ट्रैकिंग, टेलीमेट्री और कमांडिंग शामिल है।
क्या है सोलर स्टॉर्म
सौर तूफान सूर्य पर एक विक्षोभ है, जो सौर ज्वालाओं, कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई), या सौर हवा के रूप में ऊर्जा जारी करता है। जब ये आवेशित कण पृथ्वी पर पहुंचते हैं, तो वे ग्रह के चुंबकीय क्षेत्र के साथ संपर्क करते हैं, जिससे संभावित रूप से भू-चुंबकीय तूफान पैदा होते हैं। ये तूफान उपग्रह संचार, पावर ग्रिड और जीपीएस नेविगेशन सिस्टम सहित विभिन्न प्रौद्योगिकियों को प्रभावित कर सकते हैं।
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