साल के आखिर तक सभी 18+ को वैक्सीनेट करने के लिए 3 गुना बढ़ानी होगी वैक्सीनेशन की रफ्तार: रिपोर्ट
साल के आखिर तक सभी 18+ को वैक्सीनेट करने के लिए 3 गुना बढ़ानी होगी वैक्सीनेशन की रफ्तार: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 25 जून: भारत में फिलहाल कोरोना वायरस की दूसरी लहर की रफ्तार थम रही है। लेकिन देश में अभी कोविड-19 वैक्सीनेश की रफ्तार चिंता का कारण बनी हुई है। 16 जवरी 2021 से शुरू हुए वैक्सीनेशन अभियान के तहत अभी-तक पहला और दूसरा डोज मिलाकर लगभग 30 करोड़ शॉर्ट दिए गए हैं। मार्केट रिसर्च फर्म क्रिसिल का कहना है कि अगर साल 2021 के अंत तक सभी 18+ वालों को वैक्सीनेट करना है वैक्सीनेशन की रफ्तार तीन गुना बढ़ानी होगी। क्रिसिल ने कहा है कि कोरोना केसों की कम संख्या के बीच लोगों का तेजी से टीकाकरण करना होगा और साथ ही देश में व्यापक आर्थिक सुधार करने की भी जरूरत है।
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क्रिसिल ने अनुमान लगाते हुए कहा कि इस साल दिसंबर 2021 तक अगर सभी वयस्क आबादी में शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन का आंकड़ा हासिल करना है तो भारत की टीकाकरण दर को तीन गुना बढ़ाना होगा। क्रिसिल ने अपने किए गए डेटा विश्लेषण में कहा है कि भारत में वैक्सीन आपूर्ति की कमी के कारण भारत की वैक्सीनेशन रेट चिंताजनक है और बहुत ज्यादा धीमी रफ्तार से बढ़ रही है।
क्रिसिल ने एक रिपोर्ट में कहा, ''अप्रैल के मिड में भारत में हर दिन 3.5 मिलियन टीके की खुराक दी जा रही थी। वहीं मई के तीसरे हफ्ते में वैक्सीन डोज 1.3 मिलियन प्रति दिन दी जाने लगी। हालांकि जून में इसकी रफ्तार भी बढ़ी और प्रति दिन 3.2 मिलियन वैक्सीन डोज दी जाने लगी।''
क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में ये भी कहा है कि भारत में 21 जून शुरू हुए नई टीकाकरण नीति लागू होने से देश में वैक्सीनेश अभियान को नया जीवन मिला है। 21 जून के बाद देश में एक दिन में रिकॉर्ड 8.6 मिलियन वैक्सीन डोज दी है।
क्रिसिल ने कहा अब भारत को टीकाकरण की इसी रफ्तार को जारी रखना है। डेटा से पता चलता है कि अब तक कुल आबादी का सिर्फ 3.8 प्रतिशत ही पूरी तरह वैक्सीनेट हो पाए हैं। वहीं देश की 17.2 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की सिंगल डोज मिली है। अगर भारत की सरकार चाहती है कि अपना टीकाकरण लक्ष्य को पूरा करें, तो उसे दिसंबर 2021 तक हर दिन 8 मिलियन वैक्सीन खुराक देनी चाहिए।''












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