जब मंच पर रतन टाटा बोले- मैं हिंदी में भाषण नहीं दे सकता, इसलिए अंग्रेजी में बोलूंगा...
नई दिल्ली, 28 अप्रैल: देश के जाने-माने उद्योगपति रतन टाटा आज असम में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। डिब्रूगढ़ में असम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में कैंसर सेंटर के उद्धाटन कार्यक्रम के दौरान रतन टाटा ने लोगों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी भी उस कार्यक्रम में उपस्थित रहे । रतन टाटा के संबोधन की खास बात ये रही कि, उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत अंग्रेजी में की लेकिन वे बाद में टूट फूटी हिंदी बोलते नजर आए।

रतन टाटा ने अपने भाषण के शुरुआत में कहा कि, मैं हिंदी में भाषण नहीं दे सकता, इसलिए अंग्रेजी में बोलूंगा। लेकिन संदेश एक ही होगा। मेरे दिल से निकला हुआ...असम को एक ऐसा राज्य बनाइए जो सबका सम्मान करता हो और जो सबके लिए सम्मानित हो। इसके बाद उन्होंने हिंदी में बोलना शुरू कर दिया। हिंदी में हाथ तंग होने के बावजूद उन्होंने टूटी-फूटी हिंदी में कहा, 'आज असम दुनिया को बता सकता है कि इंडिया का एक छोटा स्टेट कैंसर का इलाज कर सकता है....।'
टाटा ने मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मोदी गर्वनमेंट को मैं थैंक्यू बोलता हूं कि वे असम को भूले नहीं...आगे बढ़ेगा। और मैं उम्मीद करता हूं कि यह स्टेट आगे जाएगा। भारत का झंडा और इंडिया फ्लैग.. दिल से यह स्टेट आगे बढ़ेगा। दिग्गज उद्योगपति ने कहा कि मैं अपनी जिदंगी के आखिरी साल स्वास्थ्य को समर्पित करता हूं। असम को ऐसा राज्य बनाएं जो सबको पहचाने और जिसको सब पहचानें।
टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा ने आगे कहा- संदेश एक ही होगा। मेरे दिल से निकला हुआ। टाटा ने इसके बाद असम में कैंसर अस्पतालों के उद्घाटन को राज्य के इतिहास का बड़ा दिन बताया। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर और कैंसर के इलाज के क्षेत्र में असम एक पायदान पर खड़ा है। टाटा ने कहा कि असम में 17 कैंसर उपचार केंद्रों का एक नेटवर्क सभी के लिए इलाज को सुलभ बनाएगा क्योंकि यह अमीर आदमी की बीमारी नहीं है।












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