बेटी की हत्या के आरोप में जेल में बंद इंद्राणी मुखर्जी को मिली जमानत
नई दिल्ली, 20 मई। साल 2015 से मुंबई की जेल में बंद इंद्राणी मुखर्जी को सर्वोच्च अदालत ने जमानत दे दी है। शीना बोरा के मर्डर के बाद इंद्राणी मुखर्जी करीब साढ़े 6 साल से जेल में बंद थीं। सीबीआई की एक विशेष अदालत ने कई बार उनकी जमानत अर्जी नामंजूर कर दी थी। जिसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट का रुख करना पड़ा।
Recommended Video

इंद्राणी मुखर्जी ने आज शाम भायखला जेल से निकलने के बाद कहा 'मैं अभी घर जा रही हूं। सहानुभूति और क्षमा। मैंने उन सभी लोगों को माफ कर दिया है जिन्होंने मुझे चोट पहुंचाई है। मैंने जेल में बहुत कुछ सीखा है।'
अप्रैल 2012 में 24 वर्षीय शीना बोरा की हत्या कर दी गई थी। उसका शव मुंबई से सटे रायगढ़ में मिला था। शीना बोरा इंद्राणी मुखर्जी की अनजान बेटी थी। जिसे इंद्राणी मुखर्जी ने अपनी बहन के रूप में सार्वजनिक रुप से पेश किया था। इंद्राणी की पिछली शादी से पीटर मुखर्जी के बेटे राहुल मुखर्जी से उसकी सगाई हुई थी। लेकिन इंद्राणी ने इसे स्वीकार नहीं किया।
इंद्राणी मुखर्जी के जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत उनकी मांग पर सहमत हुई कि वह जमानत की हकदार हैं। कोर्ट ने इंद्राणी को देश नहीं छोड़ने और गवाहों से संपर्क न करने जैसी शर्तों के साथ जमानत दी है।
शीना बोरा की हत्या के मामले में तीन साल तक पुलिस को कोई खास सबूत हाथ नहीं लगे। इंद्राणी मुखर्जी ने कथित तौर पर दोस्तों और परिवार को बताया कि शीना बोरा अमेरिका चली गई है। इंद्राणी के जेल में रहते उनके पीटर के साथ 17 साल पुराना रिश्ता खत्म हो गया। 2019 में दोनों ने तलाक ले लिया। मामले में जेल में बंद पीटर मुखर्जी को साल 2020 में जमानत पर रिहा किया गया था।
शीना बोरा मर्डर के बाद 2015 से मुंबई की जेल में इंद्राणी मुखर्जी बंद थी। सीबीआई की विशेष अदालत में वे कई बार जमानत अर्जी लगा चुकी थीं। लेकिन कोर्ट हर बार उनकी की अर्जी रिजेक्ट कर देती थी। जिसके बाद फरवरी में इंद्राणी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।












Click it and Unblock the Notifications