IndiGo Crisis: फ्लाइट संकट के बीच PM मोदी ने दे दी वॉर्निंग, कहा- जनता परेशान न हो, सिस्टम तुरंत दुरुस्त करें
PM Modi Statemen On IndiGo Crisis: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इन दिनों भारी अव्यवस्था से जूझ रही है। लगातार उड़ानें रद्द होने से हज़ारों यात्री फंसे हुए हैं। इसी बीच मंगलवार, 9 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए सांसदों की बैठक में इस संकट पर कड़ा संदेश दिया।
पीएम मोदी ने साफ चेतावनी दी कि किसी भी स्थिति में यात्रियों को परेशान नहीं होना चाहिए और सिस्टम सुधारने के नाम पर आम जनता को झटका नहीं लगना चाहिए। विस्तार से जानिए पीएम मोदी ने क्या कहा...

PM मोदी की हिदायत: सिस्टम सुधारें
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि नियम-कानून अपनी जगह ठीक हैं, लेकिन सिस्टम सुधारने की प्रक्रिया में आम लोगों को तकलीफ नहीं होनी चाहिए। लोग परेशान न हों, यह सरकार की प्राथमिकता है। यह बयान ऐसे समय आया जब आज लोकसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू इंडिगो संकट पर विस्तार से जवाब देने वाले हैं। विपक्ष पहले ही एयरलाइन में फैली अव्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल खड़े कर चुका है।
9 दिसंबर को 300 के करीब उड़ानें रद्द
इंडिगो का ऑपरेशनल संकट मंगलवार को चरम पर दिखा। आंकड़ों के अनुसार-बेंगलुरु से 121 उड़ानें रद्द, हैदराबाद से 58, चेन्नई से 41, केरल से 4 फ्लाइट्स कैंसिल हो गई। पिछले 7 दिनों में इंडिगो ने 4,000 से अधिक उड़ानें रद्द की हैं, जिससे एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। इंडिगो का दावा है कि वह अपने ऑपरेशंस "स्थिर" कर रही है और 91% ऑन-टाइम परफॉर्मेंस हासिल कर चुकी है, लेकिन यात्रियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
DGCA की बड़ी कार्रवाई
लगातार अव्यवस्था और कैंसिलेशन के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो को कड़े निर्देश दिए हैं। डीजीसीए के आदेश में कहा गया कि, इंडिगो निर्धारित शेड्यूल को कुशलतापूर्वक संचालित करने में विफल रही है। एयरलाइन को 5% तक शेड्यूल कम करने का निर्देश दिया जाता है। इंडिगो को 10 दिसंबर शाम 5 बजे तक संशोधित शेड्यूल जमा करना होगा। इस आदेश के बाद कई रूट्स पर इंडिगो के स्लॉट हटाकर अन्य ऑपरेटरों को दिए जा सकते हैं, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
संसद में भी गरमाया मुद्दा
आज लोकसभा में इंडिगो संकट बड़ा मुद्दा बना नागरिक उड्डयन मंत्रालय अपनी रिपोर्ट पेश करेगा, जिसमें लगातार हो रही फ्लाइट कैंसिलेशन की वजहें, यात्रियों की समस्याएं और सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों का विवरण शामिल होगा। सांसद इस पूरे मामले पर सवाल भी उठाएंगे और एयरलाइन से जवाबदेही तय करने की मांग करेंगे। सत्र में आज विशेष मतदाता सूची संशोधन पर बहस भी होनी है, लेकिन उससे पहले इंडिगो का मुद्दा ही प्रमुख फोकस बना हुआ है।
आख़िर अचानक क्यों बिगड़ी इंडिगो की हालत?
इंडिगो ने भले ही फ्लाइट रद्द होने के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया हो, लेकिन सूत्रों और एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया अव्यवस्था कई वजहों का मिश्रित परिणाम है। पायलट और केबिन क्रू की उपलब्धता अचानक कम हो जाने से शेड्यूल बिगड़ गया, जबकि क्रू शेड्यूलिंग सिस्टम में आई तकनीकी गड़बड़ियों ने स्थिति को और जटिल कर दिया।
इसके साथ ही बारिश, धुंध और कम विज़िबिलिटी जैसे मौसम संबंधी कारक, विमानों के तकनीकी रखरखाव में हुई देरी और ओवर-शेड्यूल्ड नेटवर्क ने मिलकर इंडिगो के विशाल ऑपरेशनल ढांचे पर भारी दबाव डाल दिया। इन लगातार कैंसिलेशन का सबसे बड़ा असर यात्रियों पर पड़ा, जिनकी मुश्किलें बढ़ती ही गईं।
इंडिगो संकट अब सिर्फ एक एयरलाइन का मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। पीएम मोदी की हस्तक्षेप के बाद उम्मीद की जा रही है कि एयरलाइन पर कड़ी निगरानी बढ़ेगी और शेड्यूल कम होने से नेटवर्क पर दबाव घटेगा। फिलहाल, 4,000 से अधिक कैंसिल हुई उड़ानें सरकार और इंडिगो दोनों के सामने बड़ा प्रबंधन और भरोसे का संकट खड़ा कर चुकी हैं।












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