UN ने भारत के नए IT नियमों पर जताई आपत्ति, कहा- इनसे वैश्विक मानवाधिकारों का होगा उल्लंघन
नई दिल्ली, जून 20। भारत सरकार के नए आईटी नियमों का मामला अब संयुक्त राष्ट्र तक पहुंच गया है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूतों ने भारत सरकार को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें कहा है कि भारत के नए आईटी नियम वैश्विक मानवाधिकारों मानदंडों के अनुरूप नहीं हैं। इसका मतलब है कि संयुक्त राष्ट्र को लगता है कि भारत के नए आईटी नियम वैश्विक ह्यूमन राइट्स का उल्लंघन करते हैं। आपको बता दें कि भारत में नए आईटी नियमों को लेकर केंद्र सरकार और ट्विटर के बीच विवाद चल रहा है।

एक्सपर्ट से विचार-विमर्श कर बनाने चाहिए थे नियम
भारत सरकार को लिखी चिट्ठी में संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि एक बहुदलीय लोकतंत्र और लोकतांत्रिक सिद्धांतो वाले देश का 'अभिव्यक्ति की आजादी' रोक लगाना ठीक नहीं है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सरकार को इन नियमों को लाने से पहले अच्छे से विचार विमर्श करना चाहिए था, उन्हें ये सोचना चाहिए था कि ये नियम अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के खिलाफ न हो। हालांकि इस चिट्ठी में ये भी कहा गया है कि एक देश को आईटी से जुड़े नियम बनाने का अधिकार है, वैश्विक मानवाधिकारों का भी ध्यान रखना चाहिए था।
UN की भारत सरकार से अपील
इस चिट्ठी में कहा गया है कि भारत के नए आईटी कानून इंटरनेशनल कॉवनेंट ऑन सिविल एंड पॉलिटिकल राइट्स ICCPR का उल्लंघन कर रहे हैं। सरकार से हम इसके व्यापक समीक्षा करने की अपील करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि तकनीकी नवाचार के इस दौर में एक वैश्विक नेता के रूप में भारत के पास कानून बनाने की क्षमता है जिससे डिजिटल अधिकारों की रक्षा के प्रयास हो सकते हैं। हालांकि, इसने कहा कि नियमों का काफी विस्तारित दायरा इसके विपरीत होगा।












Click it and Unblock the Notifications