इंडियन रेलवे का कभी भी निजीकरण नहीं किया जाएगा: पीयूष गोयल
नई दिल्ली। विपक्ष लंबे वक्त से केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहा है कि मोदी सरकार भारतीय रेलवे का निजीकरण करना चाह रही है। जिस पर पहली बार अब मंगलवार को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इंडियन रेलवे का कभी भी निजीकरण नहीं किया जाएगा और यह हमेशा भारत सरकार के अधीन रहेगी। यात्रियों को अच्छी सुविधाएं मिलें और इंडियन रेलवे के जरिए अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले, ऐसे कार्यो के लिये निजी क्षेत्र का निवेश देशहित में होगा लेकिन अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि कई सांसद सरकार पर निजीकरण और कॉर्पोरेटाइजेशन का आरोप लगा रहे हैं, जो कि सही नहीं है। भारतीय रेलवे का कभी निजीकरण नहीं होगा और ऐसा मैं पूरे विश्वास के साथ आज सदन में कह रहा हूं।
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मालूम हो कि सदन में रेल मंत्रालय के अनुदानों की मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए रेल मंत्री ने कहा कि हम में से किसी ने कभी भी नहीं कहा कि सड़क पर केवल सरकारी वाहन चले, जबकि निजी और सरकारी दोनों ही आर्थित गतिविधियों को आगे बढ़ाते हैं। रेलवे सरकारी संपत्ति थी और रहेगी लेकिन अगर कोई इसमें निजी तौर पर निवेश करता है तो उसमें किसी को कोई बुराई नहीं दिखनी चाहिए और ना ही किसी को कोई एतराज होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान हमने रेलवे सेवाएं बंद की थीं, अन्यथा महामारी पर लगाम नहीं लग पाता लेकिन इस दौरान हमने 4,600 श्रमिक स्पेशल की व्यवस्था भी की थी, तो लोगों ने उसकी भी आलोचना कर डाली थी। आपको बता दें कि सोमवार को सदन में चर्चा के दौरान कांग्रेस के जसबीर सिंह गिल, आईयूएमएल के ई टी मोहम्मद बशीर ने अपने बयानों पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि सरकार रेलवे का निजीकरण करना चाहती है।
सरकार और निजी क्षेत्र अगर मिलकर काम करें तो बुराई क्या है?
लोकसभा में बोलते हुए रेल मंत्री ने कहा कि आज रोड पर हर तरह के वाहन चलते हैं और तभी ही प्रगति होती है तो एक सवाल मैं भी पूछना चाह रहा हूं कि क्या रेलवे में प्रगति नहीं होनी चाहिए। मालवाहक ट्रेनें चलाने के लिए अगर कोई निजी निवेश होता है तो इसमें बुराई क्या है, आज रेलवे स्टेशन पर वेटिंग रूम चाहिए तो उसके लिए निवेश की जरूरत पड़ेगी है और जब सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर काम करेंगे, तभी देश का उज्ज्वल भविष्य बनाने में सफल होंगे।
देश की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी: गोयल
उन्होंने आगे कहा कि हमें अत्याधुनिक रेलवे बनाना है तो बहुत धन की जरूरत होगी। देश के 50 स्टेशनों का मॉडल डिजाइन तैयार किया गया है, जहां सौंदर्यीकरण का काम हो रहा है, निजी क्षेत्र जो सेवाएं देगा, वे भारतीय नागरिकों को मिलेंगी। रोजगार पैदा होंगे। देश की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी और देश की प्रगति ही हमारा उद्देश्य है।












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