1.21 लाख करोड़ रुपए का है प्रभु का रेल बजट
नयी दिल्ली। राजस्व में वृद्धि और ठपयुक्त निवेश सुनिधित करने की मंशा है जिससे 2015-16 में शुरू किए गए भीड़भाड़ कम करने और लाइन क्षमता बढ़ाने संबंधी कार्यों को जारी रखा जा सकेगा। परियोजनाओं को सुनिधित धनराशि मुहैया कराने के लिए बढ़े हुए पूंजी व्यय पर बल दिया गया है जिसमें वित व्यवस्था के विभिन्न स्रोतों का मिश्रण है। सकल यातायात प्रासियां 1,84,820 करोड़ रु रखी गई हैं।

यात्री यातायात से आमदनियां 12,4% पर निर्धारित की गई है और तदनुसार आमदनी संबंधी लक्ष्य 51,012 करोड़ रु, निर्धारित किए गए हैं। अर्थव्यवस्था के कोर क्षेत्र में लाभप्रद वृद्धि की प्रत्याशा में माल यातायात 50 मिलियन टन के वर्धमान यातायात पर निर्धारित किया गया है। तदनुसार, माल यातायात से आमदनी 1,17,933 करोड़ रु, प्रस्तावित की गई है।
- अन्य कोचिंग एवं विविध आमदनियां क्रमशः 6,185 करोड़ रु, और 9,590,3 करोड़ रु, निर्धारित की गई है।
- साधारण संचालन व्यय के अंतर्गत, 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए प्रावधान किया गया है।
- वर्ष 2016-17 में पेंशन निकासी 45,500 करोड़ रु, निर्धारित की गई है।
- ठच्चतर कर्मचारी लागत और पेंशन दायिता से रेलों की आंतरिक संसाधन स्थिति प्रभावित होती है।
- तदनुसार राजस्व से मूआ,नि, को विनियोजन 3,200 करोड़ रु, और ठत्पादन इकाइयों से 200 करोड़ रु, रखा गया है।
- सकल खर्च के जरिए शुद्ध आधार पर 3,160 करोड़ रु, की निकासी का प्रस्ताव है, यद्यपि वार्षिक योजना, जिसके लिए 7,160 करोड़ रु, का अनुमान लगाया गया है, में मू आनि को सकल खर्च से पूरा किया जाएगा। पूंजी निधि को 5,750 करोड़ रु, विनियोजित करने का प्रस्ताव है।
- इस निधि में पूर्ववर्ती शेष से 1,250 करोड़ रु, निकाल कर आईआरएफसी को पट्टा प्रभारों के मूल घटक के भुगतान के लिए 7,000 करोड़ रु, की पूर्ति की जाएगी।
- वर्ष 2016-17 में रेलवे 1,21,OOO करोड़ रु, का योजना आकार तैयार कर रही है।












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