'इस देश में नेताओं को रियलिटी चेक की जरूरत', स्टार्टअप पर पीयूष गोयल के बयान पर अशनीर ग्रोवर ने दिया जवाब
Piyush Goyal: भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने सवाल उठाए है। पीयूष गोयल ने पूछा है कि 'क्या हमें आइसक्रीम या चिप्स बनाना है? दुकानदारी ही करना है? हम फूड डिलीवरी ऐप बना रहे हैं, सस्ते मजदूर चाहते हैं ताकि अमीर लोग घर से बाहर निकले बिना खाना खा सकें।'
अपने इस बयान के बाद से ही पीयूष गोयल (Piyush Goyal) गूगल में ट्रेंड कर रहे है। दरअसल, उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई बड़ी कंपनियों के सीईओ, फाउंडर से लेकर आम नागरिक तक केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के इस बयान की आलोचना कर रहे हैं।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीयूष गोयल के इस बयान पर भारतपे के को-फाउंडर अशीनर ग्रोवर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। अशीनर ग्रोवर ने कहा है कि सिर्फ नेताओं को 'रियलिटी चेक' की जरूरत है। अशनीर ग्रोवर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भारत में सिर्फ नेताओं को 'रियलिटी चेक' की जरूरत है...बाकी हर कोई भारत की वास्तविकता में ही रह रहा है।'
रियलिटी शो शार्क टैंक इंडिया के पहले सीजन में जज के तौर पर शामिल हुए अशीनर ने आगे कहा कि चीन ने भी फूड डिलीवरी से ही शुरुआत की थी। इसके बाद ही उन्होंने डीप-टेक में कदम बढ़ाया। इतना ही नहीं, ग्रोवर ने आगे लिखा कि नेताओं को आज के जॉब क्रिएटर्स को फटकारने से पहले 20 साल तक 10% से ज्यादा की आर्थिक वृद्धि दर बनाए रखने का लक्ष्य तय करना चाहिए।
इस दौरान ग्रोवर ने भारतीय स्टार्टअप्स पर एक स्वस्थ बहस शुरू करने के लिए पीयूष गोयल को धन्यवाद दिया। साथ ही, कहा कि शायद अब समय आ गया है कि सार्वजनिक चर्चा को इतिहास से विज्ञान की ओर मोड़ा जाए! इंफोसिस के पूर्व सीएफओ और एरिन कैपिटल के चेयरमैन मोहनदास पई ने भी पीयूष गोयल की टिप्पणी पर पलटवार किया।
उन्होंने कहा, 'भारत में चिप डिजाइन, आईओटी, रोबोटिक्स, ईवी चार्जिंग, बीएमएस में बहुत सारे छोटे डीप टेक स्टार्टअप हैं, जो तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन पूंजी कहां है?' उन्होंने बताया कि 2014 से 2024 तक भारतीय स्टार्टअप्स को केवल 160 बिलियन डॉलर का वित्त पोषण प्राप्त हुआ, जबकि चीन और अमेरिका को क्रमशः 845 बिलियन डॉलर और 2.3 ट्रिलियन डॉलर प्राप्त हुए।
स्टार्टअप को लेकर क्या बोले पीयूष गोयल?
स्टार्टअप महाकुंभ में 03 अप्रैल 2025 को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देश में कई स्टार्टअप फूड डिलीवरी और बेटिंग और फैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जबकि चीन में स्टार्टअप ईवी, बैटरी तकनीक, सेमीकंडक्टर और AI पर काम कर रहे हैं। इस दौरान पीयूष गोयल ने सवाल भी किया।
पीयूष गोयल ने पूछा कि 'क्या देश तकनीकी प्रगति के लिए कोशिश करने के बजाय कम वेतन वाली नौकरियों से हम और आप संतुष्ट है। क्या हमें आइसक्रीम या चिप्स बनाना है? दुकानदारी ही करना है। क्या हम सिर्फ डिलीवरी बॉय और डिलीवरी गर्ल बनाने में खुश हैं? अमन गुप्ता...जरा सार्क टैंक में अपने विचार बदलो। क्या आप इसे स्टार्टअप कहते हैं...ये तो बिजनेस है और पैसा कमाने का बस एक तरीका है।'
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय स्टार्टअप सिर्फ फूड डिलीवरी और हाइपरफास्ट लॉजिस्टिक्स तक ही सीमित हैं। भारतीय स्टार्टअप "फूड डिलीवरी ऐप, फैंसी आइसक्रीम, कुकीज, इंस्टेंट ग्रॉसरी डिलीवरी, बेटिंग और फैंटेसी स्पोर्ट ऐप और रील्स और इन्फ्लूएंसर इकोनॉमी" बनाने में बिजी हैं। दूसरी ओर चीन में स्टार्टअप "ईवी और बैटरी तकनीक, सेमीकंडक्टर और एआई, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन, ग्लोबल लॉजिस्टिक्स और डीप टेक और इंफ्रास्ट्रक्चर" पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने पूछा कि क्या ये वाकई इनोवेशन है, या सिर्फ सुविधा के नाम पर सस्ती मजदूरी का इस्तेमाल है। आज के भारत के स्टार्टअप क्या हैं? हमारा पूरा फोकस सिर्फ फूड डिलीवरी ऐप्स पर है, जहां बेरोजगार युवाओं को सस्ते मजदूर बना दिया गया है ताकि अमीर लोग अपने घर में बैठकर खाना खाएं। मुझे उनसे कोई दिक्कत भी नहीं है...बिल्कुल ठीक है...आप करो...लेकिन हमें 'दुनिया में सर्वश्रेष्ठ' बनना है...क्या हम ये करके दुनिया में सबसे बेहतरीन बन पाएंगे। नहीं।'
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