सरहद को ऐसे चूमती लौटी भारत की बेटी उजमा, पढ़िए पाकिस्तान में धोखे की पूरी कहानी

विदेश में पाक के लड़के से मिलना, फिर उससे मिलने पाकिस्तान जाना, वापस आने से रोकना, जबरदस्ती शादी, प्रताड़ना.. उजमा की कहानी किसी फिल्म के जैसी है।

नई दिल्ली। पाकिस्तान में धोखे का शिकार हुई भारत की बेटी उजमा 25 दिन के बाद वतनत लौट आई है। वाघा बॉर्डर पर जब गुरूवार दोपहर को उसने पहला कदम रखा तो झुककर भारत की जमीन को चूम लिया। दरअसल, पिछले 25 दिनों में पाकिस्तान में उसने खुद को जिस तरह से एक बेहद मुश्किल हालात में पाया, उस हालात से उबर कर जब वो भारत आई तो वहां उसका इंतजार कर रहे अपने लोगों का प्यार उसकी आंखों में आंसू ले आया। विदेश में पाक के लड़के से मिलना, फिर उससे वहां मिलने जाना, उसे वापस आने से रोकना, जबरदस्ती शादी, प्रताड़ना.. उजमा की कहानी किसी फिल्म के जैसी है।

सरहद को ऐसे चूमती लौटी भारत की बेटी उजमा, पढ़िए पूरी कहानी

मलेशिया में हुआ था प्यार

मलेशिया में हुआ था प्यार

दिल्ली की रहने वाली 20 साल की उजमा मलेशिया बीते दिनों मलेशिया गई थीं। वहीं उसकी मुलाकात पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनवा के रहने वाले ताहिर से हुई। ताहिर वहां टैक्सी चलाता था। उजमा भारत आ गई और ताहिर पाक चला गया लेकिन दोनों की बातें होती रही, आखिर दोनों ने मिलने का फैसला किया और 1 मई को उजमा ताहिर से मिलने पाकिस्तान पहुंच गई। ताहिर के प्यार में वहां पहुंची उजमा ने जब सच्चाई देखी को उसके पैरो तले से जमीन खिसक गई लेकिन अब उसके वापस आने के दरवाजे बंद हो चुके थे।

जबरदस्ती कर लिया निकाह

जबरदस्ती कर लिया निकाह

उजमा ने पाया कि ताहिर पहले से ही शादीशुदा है, ऐसे में उसने ताहिर से वापस भारत जाने की बात कही लेकिन ताहिर ने उसे धमकाया और उसका उससे छीन लिया। इसके बाद 3 मई को उससे जबरन निकाह कर लिया, उजमा ने बताया कि उसके सिर पर बंदूक रख उससे निकाहनामा पर दस्तखत कराए गए। इसके बाद उजमा के साथ शोषण का सिलसिला और बढ़ गया। उसका मानसिक, शारीरिक और यौन शोषण किया गया।

उजमा ने नहीं मानी हार

उजमा ने नहीं मानी हार

लगातार प्रताड़ना के बावजूद उजमा ने हार नहीं मानी और ताहिर के चंगुल से निकलने की जुगत लगाती रही। भारतीय वीजा के लिए उजमा ताहिर के साथ इंडियन हाई कमीशन पहुंची लेकिन वहां जाकर उसने ताहिर के साथ जाने से इंकार कर दिया और कमीशन से भारत आने की बात कही और वहीं रुक गई। उजमा ने 12 मई को इस्लामाबाद हाइकोर्ट में अपने साथ हुए धोखे की कहानी बताते हुए कोर्ट से दरखास्त की कि उसे उसके वतन भारत घर लौटने की इजाजत दी जाए।

इस्लामाबाद कोर्ट ने दिया उज्मा का साथ

इस्लामाबाद कोर्ट ने दिया उज्मा का साथ

इस्‍लामाबाद हाईकोर्ट ने उज्मा की बात सुनने के बाद उसको भारत लौटने की इजाजत दे दी थी। सुनवाई करते हुए जस्टिस मोहसिन अख्‍तर कयानी के नेतृत्‍व वाली इस्‍लामाबाद हाई कोर्ट की बेंच ने उज्‍मा का असली इमीग्रेशन फॉर्म उसके पति से लेकर उसे लौटाने के आदेश दिए। इतना ही नहीं कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि जब तक उज्‍मा वाघा बॉर्डर पार नहीं कर लेती तब तक उसको पुलिस की सुरक्षा भी मुहैया कराई जाएगी। कोर्ट ने ताहिर की दरख्वास्त पर उससे पूछा था कि क्या वो ताहिर से मिलना चाहेगी, लेकिन उज्मा ने ताहिर से मिलने से इंकार कर दिया था।

 सुषमा ने निभाई अहम भूमिका

सुषमा ने निभाई अहम भूमिका

इस पूरे मामले में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लगातार पाकिस्तान के उच्च अधिकारियों से बात की और ये सुनिश्चित किया कि वो हिफाजत से भारत लौटे। उन्होंने लगातार खुद पूरे मामले पर नजर बनाए रखी। 25 मई को उजमा को पाक अफसरों ने उसे बाघा बॉर्डर पर बीएसएफ के सुपुर्द किया। इसके बाद सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ''उजमा तुम्हारा स्वागत है, तुम्हें जिन हालात से गुजरना पड़ा, उसका मुझे दुख है।'' उजमा अब अमृतसर से दिल्ली आएगी। उजमा के परिवार के लोगों ने भी सुषमा स्वराज का शुक्रिया अदा किया है।

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