'तलवार मेरे शरीर के 2 इंच करीब तक आ गई', राजदूत संजय वर्मा ने सुनाया कनाडा का वो खौफनाक किस्सा
Indian Canada News: पिछले काफी वक्त से भारत और कनाडा के रिश्तों के बीच तनाव बढ़ गया है। इस तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने अपने उच्चायुक्त संजय वर्मा को वापस बुला लिया। भारत वापस आने के बाद उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा ने एक और बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अल्बर्टा में खालिस्तानी हमलावरों ने तलवार से हमला कर दिया। उस वक्त वो अपनी पत्नी के साथ थे।
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में भारतीय उच्चायुक्त संजय वर्मा ने बताया कि कैसे खालिस्तानी 'गुंडे' उन्हें घायल करने के बेहद करीब आ गए थे, उन्होंने कहा कि उनके पास तलवार थी, कोई 'कृपाण' धार्मिक प्रतीक नहीं...बल्कि एक ऐसा हथियार था जो नुकसान पहुंचाने में सक्षम था।

उन्होंने बताया कि खालिस्तानी कई बार हमें नुकसान पहुंचाने के लिए काफी करीब तक आ गए थे। उनके पास तलवार थी। जब मैं अल्बर्टा में था तो एक तलवार मेरे 2-2.5 इंच पास से गुजर थी। उस वक्त मेरी पत्नी भी मेरे साथ थी। बताया कि यह हमला उस वक्त हुआ था, जब मैं अल्बर्टा में था और वहां भारतीयों की एक डिनर पार्टी थी।
इस डिनर पार्टी में कुछ सांस्कृतिक कार्यक्रम थे। स्वाभाविक था कि मैं भारतीय से मिलूंगा और वह एक कारोबारी समारोह था, तो कई बिजनेसमैन पहुंचे थे। यह सब कन्वेंशन हॉल में हो रहा था। उन्होंने आगे बताया कि बाहर करीब 150 लोग थे जो खालिस्तान के नाम पर गलत काम कर रहे थे।
बताया कि उन्होंने उस प्रवेश द्वार (रास्ते) को घेर लिया था जहां से मुझे जाना था। जब मैं अंदर गया तो वहां RCMP और स्थानीय पुलिस भी थी। अल्बर्टा हमारा अच्छा दोस्त है। स्थानीय पुलिस वहां मौजूद थी। लेकिन, शायद उन्होंने नहीं सोचा होगा कि वे इतना बुरा काम करेंगे। मेरी पत्नी मेरे साथ थी। जब मैं वहां से गुज़र रहा था तो वहां एक तलवार थी।
उन्हें शायद तलवार और कृपाण में फर्क नहीं पता होगा। लेकिन हम भारतीय को वाहेगुरु की कृपा से तलवार और कृपाण में फर्क पता है। वो एक तलवार थी, जो मेरे शरीर से करीब 2 से 2.5 इंच दूर से गिरी। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस ने बाद में पूछताछ की, लेकिन उन्हें इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
हालांकि, स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और उन्हें पीछे धकेल दिया। उन्होंने पूछताछ भी की। लेकिन, मुझे कोई सूचना नहीं दी गई। हमने कनाडा के वैश्विक मामलों को भी इस घटना के बारे में सूचित किया। उनका भी मानना था कि यह सही नहीं है और हमने उन्हें यह समझाने की भी कोशिश की कि तलवार और कृपाण में अंतर होता है।












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