J&K: शोपियां फायरिंग मामले में सेना ने कराई काउंटर एफआईआर
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के शोपियां में 27 जनवरी को सेना की गोलीबारी में तीन युवकों की मौत के मामले में सेना पर एफआईआर दर्ज होने के बाद अब सेना की ओर से भी मामले में काउंटर एफआईआर कराई गई है। जम्मू कश्मीर पुलिस ने सेना के खिलाफ इस मामले में एफआईआर दर्ज कर की थी। अब सेना की ओर से भी शोपियां में फायरिंग के वक्त पत्थरबाजी कर रहे लोगों के खिलाफ काउंटर एफआईआर दर्ज कराई गई है। सेना की गोलीबारी में जावेद बट और सुहेल लोन की मौत हो गई थी, एक घायल को श्रीनगर के शेर ए कश्मीर इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में भर्ती कराया गया था, जहां आज उसकी मौत हो गई।

सेना की 10वीं गढ़वाल यूनिट के खिलाफ हुई है FIR
27 जनवरी को सेना की गोली से दो लोगों की मौत हो गई थी, घटना में घायल एक शख्स ने आज (31 जनवरी को) दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने सेना की 10वीं गढ़वाल यूनिट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सेना के खिलाफ एफआईआर की पुलिस अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया था कि 26 जनवरी को शोपिया पुलिस स्टेशन में 10वीं गढ़वाल यूनिट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। सेना के खिलाफ धारा 302, 307 व 336 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सेना की ओर से सफाई, आत्मरक्षा में चलाई गोलियां
वहीं इस पूरी घटना के बारे में सेना की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि सेना ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी, क्योंकि बटालियन को चारो तरफ से घेरकर पत्थरबाजी शुरू कर दी गई थी, लोगों ने जवानों से उनके हथियार भी छीनने की कोशिश की। जिसके बाद सेना ने गोली चलाई। नॉर्दन आर्मी कंमाडर लेफ्टिनेट जनरल देवराज अंबू का कहना है कि सेना ने गोलियां आत्म सुरक्षा में चलाई थी। सैनिकों को उकसाने के लिए स्थानीय लोग पत्थरबाजी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह दुखद है, लेकिन हम जानते हैं कि जांच के बाद सच सामने आएगा।

पोस्टर को लेकर हुआ था विवाद
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, सेना जिस वक्त मिलिटेंट का पोस्टर हटा रही थी उस वक्त लोगों की जवानों से झड़प हो गई, जिसके बाद सेना ने गोली चला दी। इस मामले को लेकर राज्य में सत्ताधारी भाजपा और पीडीपी में भी एकमत नहीं है। भाजपा ने इस एफआईआर को वापस लेने की मांग की है जबकि पीडीपी ने इसे खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि मामले की जांच होगी।












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