VIDEO: 'पाकिस्तानी कर्नल दिए थे 30000 रुपये', LOC पर पकड़े गए फिदायीन हमलावर का खुलासा, बताया कौन था टारगेट?
पाकिस्तान के एक फिदायीन आत्मघाती हमलावर को भारतीय सेना ने रविवार (21 अगस्त) को पकड़ लिया था। सेना ने हमलावर को राजौरी के नौशेरा के झंगर सेक्टर में एलओसी पर पकड़ा था।
जम्मू-कश्मीर, 24 अगस्त: पाकिस्तान के एक फिदायीन आत्मघाती हमलावर को भारतीय सेना ने रविवार (21 अगस्त) को पकड़ लिया था। सेना ने हमलावर को राजौरी के नौशेरा के झंगर सेक्टर में एलओसी पर पकड़ा था। पकड़े गए आतंकवादी का कश्मीर में आर्मी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। इस दौरान उसने समाचार एजेंसी एएनआई से बात की है।

आत्मघाती मिशन पर भेजा गया था
आतंकी ने बताया कि उसे पाकिस्तानी सेना के एक कर्नल द्वारा आत्मघाती मिशन पर भेजा गया था। पकड़े गए आतंकी की पहचान तबारक हुसैन के रूप में हुई है। उसने बताया कि वह चार-पांच अन्य लोगों के साथ भारतीय सेना को निशाने बनाने के लिए आया था। पाकिस्तानी कर्नल यूनुस ने इसके लिए उसे 30 हजार रुपये दिए थे। आतंकी ने बताया कि उसने भारतीय सेना की दो या तीन चौकियों की रेकी की थी।

अस्पताल में चल रहा इलाज
बता दें कि आतंकी तबारक हुसैन तीन-चार आतंकियों के साथ घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच गश्त कर रहे भारतीय सेना ने झंगर सेक्टर में एलओसी पर दबोच लिया। फिदायीन हमलावर की हालत स्थिर है, उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

दो गोली लगने से हालत गंभीर
सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि जांघ और कंधे में दो गोली लगने के बाद आतंकी हुसैन की हालत गंभीर है। ब्रिगेडियर राजीव नायर ने कहा कि सेना के अधिकारियों ने आतंकवादी को खून दिया है। उसके साथ किसी अन्य मरीज की तरह ट्रीट किया जा रहा है।

जिसकी जान लेने आए थे उसी ने बचाई जान
अधिकारी ने बताया कि हमारी टीम के सदस्यों ने उसे तीन बोतल खून दिया है। उसका ऑपरेशन किया गया और उसे आईसीयू में रखा गया है। उसकी हालत अब स्थिर है। आतंकी ने कहा कि जिसकी जान लेने आए थे उसी ने खून देकर जान बचाई।
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