3000 मीटर की गहराई में डूब गया है इंडियन एयरफोर्स का एएन-32!
चेन्नई। शुक्रवार को लापता हुए इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट एएन-32 का 72 घंटे बीत जाने के बाद भी कुछ पता नहीं लग सका है। कोई समझ नहीं पा रहा है कि आखिर 29 लोगों को लेकर रवाना हुए इस एयरक्राफ्ट को जमीन निगल गई या फिर आसमान खा गया। अब इसरो इस काम में आईएएफ को मदद करेगा। न सिर्फ इसरो बल्कि कई और सरकारी एजेंसियों ने भी सर्च ऑपरेशन में मदद का प्रस्ताव दिया है।

18 शिप्स और 16 एयरक्राफ्ट सर्च में शामिल
एएन-32 शुक्रवार को चेन्नई से उड़ा था और फिर बंगाल की खाड़ी में कहीं गायब हो गया है। ईस्टर्न नेवल कमांड चीफ की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक सर्च एंड रेस्क्यू टीम को इस इलाके की सैटेलाइट तस्वीर देने के लिए कहा गयाहै।
इंडियन नेवी, इंडियन एयर फोर्स और कोस्ट गार्ड की 18 शिप्स और 16 एयरक्राफ्ट इस एयरक्राफ्ट की तलाश में लगे हैं।
अंडमान क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन
अंडमान और निकोबार क्षेत्र से भी अब शिप्स और एयरक्राफ्ट को चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर के रास्ते में सर्च ऑपरेशन के लिए लगा दिया गया है।
एएन-32 का के2743 नंबर वाले एयरक्राफ्ट में रक्षा क्षेत्र के अलग-अलग क्षेत्रों के 29 लोग सवार थे। कुछ नागरिक भी इसमें मौजूद थे। इस एयरक्राफ्ट को सुबह 11:30 बजे पोर्ट ब्लेयर में लैंड करना था।
IAF AN-32 search operation
3000 मीटर गहरा समुद्र और 200 मीटर तक पहुंच
रक्षा सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अगर एयरक्राफ्ट समुद्र में क्रैश हुआ है और एक दम नीचे चला गया है तो इसका पता लगाने में थोड़ा समय लग सकता है। समुद्र करीब 2000 से 3000 मीटर तक गहरा है और सबमरीन भी सिर्फ 200 मीटर की गहराई तक ही जा सकती हैं।
33 दिन बाद मिला था डॉर्नियर
आपको बता दें कि जुलाई 2015 में लापता हुए कोस्ट गार्ड के एयरक्राफ्ट डोर्नियर सीजी971 को सर्च करने में 33 दिन का समय लग गया था। इस एयरक्राफ्ट का मलबा 920 मीटर की गहराई में पाया गया था।












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