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Sri Lanka Crisis : विदेश मंत्रालय ने कहा, हालात पर करीबी नजर, भारत श्रीलंका के साथ

श्रीलंका में जनाक्रोश के बीच राजनीतिक और सामाजिक संकट पैदा हो गया है। इसी बीच विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हालात पर करीबी नजर रखने के अलावा भारत श्रीलंका के साथ खड़ा है।
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नई दिल्ली, 10 जुलाई : विदेश मंत्रालय ने कहा है कि द्वीप राष्ट्र श्रीलंका में संकट के बीच 'भारत श्रीलंका के साथ खड़ा (India with Sri Lanka) है।' गौरतलब है कि श्रीलंकाई सेना के सैनिक रविवार को कोलंबो में राष्ट्रपति सचिवालय पर पहरा देते दिखे। बता दें कि श्रीलंकाई राष्ट्रपति भवन को सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया है।

arindam bagchi

श्रीलंका में सियासी और सामाजिक संकट गहराने के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि श्रीलंका के हालिया घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक बयान में कहा, हम उन कई चुनौतियों से अवगत हैं जिनका श्रीलंका और उसके लोग सामना कर रहे हैं। हम श्रीलंका के लोगों के साथ खड़े हैं क्योंकि उन्होंने इस कठिन दौर से उबरने की कोशिश की है।

श्रीलंका को भारत से 'अभूतपूर्व समर्थन'

विदेश मंत्रालय ने रेखांकित किया कि भारत श्रीलंका का निकटतम पड़ोसी है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत ने 'श्रीलंका में गंभीर आर्थिक स्थिति को सुधारने' के लिए 3.8 बिलियन डॉलर से अधिक का 'अभूतपूर्व' समर्थन दिया है।

भारत श्रीलंका के साथ !

श्रीलंका में अशांति के बीच भारत के रूख को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, हम श्रीलंका की घटनाओं पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। भारत श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है, क्योंकि वे लोकतांत्रिक साधनों और मूल्यों, स्थापित संस्थानों और संवैधानिक ढांचे के माध्यम से समृद्धि और प्रगति की अपनी आकांक्षाओं को साकार करना चाहते हैं।

श्रीलंका में अशांति क्यों ?

श्रीलंका भीषण आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कंगाली का आलम ये कि श्रीलंका का विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो चुका है। देश में पेट्रोल-डीजल भी खत्म हो चुके हैं। दयनीय हालात के पीछे गोटाबाया राजपक्षे सरकार की खराब आर्थिक नीतियां हैं। बता दें कि श्रीलंका में जरूरी और बुनियादी जरूरत वाले सामानों की किल्लत के कारण पिछले कई महीनों से प्रदर्शन हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, श्रीलंका दिवालिया

राजधानी कोलंबो में एक चौराहे पर मार्च महीने से लोग श्रीलंका की राजपक्षे सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालात, उस समय और खराब हो गए जब श्रीलंका के सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे। दमन की कार्रवाई से आक्रोशित श्रीलंका की जनता ने राष्ट्रपति भवन पर हमला बोल दिया। बता दें कि गत 5 जुलाई को श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने देश की संसद में कहा, श्रीलंका दिवालिया हो गया है। विक्रमसिंघे ने बताया कि अब श्रीलंका दिवालिया देश के रूप में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ बातचीत कर रहा है।

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English summary
Ministry of External Affairs said, India aware of challenges in Sri Lanka. We stood with the Sri Lankan people.
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