एशिया आर्थिक संवाद में हरित ऊर्जा को लेकर बोले मुकेश अंबानी- 'वह दिन दूर नहीं जब भारत दुनिया की....'
पुणे में चल रहे एशिया आर्थिक संवाद (एईडी) में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश मबानी ने बुधवार को हरित ऊर्जा में भारत की उभरती भूमिका पर प्रकाश डाला।
मुंबई, 23 फरवरी। पुणे में चल रहे एशिया आर्थिक संवाद (एईडी) में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश मबानी ने बुधवार को हरित ऊर्जा में भारत की उभरती भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भारत हरित ऊर्जा के क्षेत्र में पूरे विश्व की अगुवाई करेगा। एशिया आर्थिक संवाद में हरित ऊर्जा पर जोर देते हुए अंबानी ने कहा कि भारत वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि साल दर साल एशिया प्रगति की ओर बढ़ रहा है और 21वीं सदी एशिया की होगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के आकर्षण का केंद्र अब स्पष्ट रूप से एशिया की तरफ स्थानांतरित हो गया है। अंबानी ने कहा कि 1 से 18वीं सदी तक एशिया जीडीपी के मामले में दुनिया में अग्रणी था, पिछली दो शताब्दियों में पीछे रहने के बाद अब एशिया दोबारा से मजबूती के साथ वापसी कर रहा है। अंबानी ने कहा, 'यह समय भारत का है, भारत के विकास की कहानी आने वाले दशकों में चीन की तुलना में अधिक रोमांचक होगी।'
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New Energy पर क्या बोले अंबानी
मुकेश अंबानी ने कहा कि मानवता के रूप में हम सभी के पास केवल एक ही ग्रह है और कोई दूसरा ग्रह नहीं है। जलवायु परिवर्तन के कारण हमारी पृथ्वी पर के सामने अपने अस्तित्व को बचाने का संकट खड़ा हो गया है। जलवायु संकट अनिवार्य रूप से ऊर्जा संकट है। जलवायु परिवर्तन के कारण इंसानों सहित वन्यजीवों का जीवन भी खतरे में पड़ गया है। इसलिए हमारे पास पुरानी ऊर्जा को त्यागकर नई, हरित और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। यह एक आवश्यक अनिवार्यता है।
ऊर्जा में बदलाव के होंगे कई सकारात्मक परिणाम
अंबानी ने कहा कि ग्रीन एनर्जी को अपनाने से न केवल हमारे स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि इससे बड़ी संख्या में नौकरियों के अवसर भी उत्पन्न होंगे।
ग्रीन एनर्जी के अगुवा के रूप में उभरेगा भारत
अंबानी ने कहा कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भारत एक अगुवा के रूप में उभरेगा, इसके तीन प्रमुख कारण हैं...
1. भारत उद्यमशीलता की भावना, नवाचार और युवाओं से भरा देश है।
2. अब हमें केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से सक्रिय और दूरदर्शी नीति समर्थन मिल रहा है।
3. हमारे उद्यमियों के पास अब सुनिश्चित वित्तपोषण विकल्प हैं।
हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि हम 5 ट्रिलियन और 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। अब देखना यह है कि ऐसा हम 2025 या 2027 तक कर पाते हैं या 2030 से 2032 तक। उन्होंने कहा, 'मेरे विचार से 2030-32 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थआ के रूप में यूरोपीय संघ को पछाड़ देगा।' उन्होंने कहा कि हालांकि इस लक्ष्य को पाने के लिए हमारे सामने कई सारी चुनौतियां भी हैं, जिनसे हमें कड़ाई से निपटना होगा।












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