भारत का पाक समर्थित तुर्की को करारा जवाब, 9 एयरपोर्ट्स पर ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी 'सेलेबी' का लाइसेंस रद्द
India Vs Turkey: भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव ने दुनिया के कई देशों के असली चेहरे उजागर कर दिए। खासकर तुर्की, जो इस पूरे संघर्ष में पाकिस्तान का खुला समर्थक बनकर सामने आया। जब भारत सीमापार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठा रहा था, तब तुर्की न सिर्फ पाकिस्तान के पक्ष में खड़ा दिखा, बल्कि उसे सैन्य व राजनयिक समर्थन देने के आरोप भी झेले।
अब जबकि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर डील हो चुकी है, भारत के भीतर तुर्की के खिलाफ नाराजगी उबाल पर है। सोशल मीडिया पर #BoycottTurkey ट्रेंड कर रहा है, और सरकार ने भी अब सीधा एक्शन लेना शुरू कर दिया है।

तुर्की की पाकिस्तानपरस्ती का खामियाजा
15 मई 2025 को भारत सरकार ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए तुर्की की ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी 'Celebi Aviation' का भारत में ऑपरेटिंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कंपनी भारत के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर ग्राउंड हैंडलिंग का काम कर रही थी। माना जा रहा है कि यह कदम तुर्की को स्पष्ट संदेश देने के लिए उठाया गया है कि भारत अब दोहरे रवैये को बर्दाश्त नहीं करेगा।
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही सेलेबी एविएशन की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी, और इस कंपनी की पृष्ठभूमि और तुर्की सरकार से इसके संबंधों की जांच की जा रही थी। अब जब तुर्की ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज कर पाकिस्तान का साथ दिया, तो भारत ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए तुर्की को आर्थिक मोर्चे पर झटका दे दिया है। भारत के नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) ने सुरक्षा कारणों से सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की सुरक्षा मंजूरी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी है। इसका मतलब ये है कि सेलेबी अब भारत के किसी भी एयरपोर्ट पर काम नहीं कर सकती।
सेलेबी कहां-कहां कर रही थी काम?
सेलेबी भारत के 9 प्रमुख हवाई अड्डों पर ग्राउंड हैंडलिंग (यानी सामान, यात्रियों की मदद, कस्टम, कार्गो आदि) का काम कर रही थी-
- मुंबई
- दिल्ली
- बेंगलुरु
- हैदराबाद
- कोचीन
- कन्नूर
- चेन्नई
- गोवा (एमओपीए एयरपोर्ट)
- विशाखापत्तनम (प्रक्रिया में)
लाइसेंस क्यों रद्द किया गया?
शिवसेना विधायक मुरजी पटेल ने BCAS और एयरपोर्ट अथॉरिटी को पत्र लिखकर कहा कि तुर्की सरकार पाकिस्तान का समर्थन कर रही है। उन्होंने कहा कि तुर्की की कंपनी भारत के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर संवेदनशील जिम्मेदारियां संभाल रही है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकती है। इसके बाद BCAS ने सेलेबी की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी।
सेलेबी का क्या कहना है?
सेलेबी ने सफाई में कहा- 'हम भारतीय कंपनी की तरह काम करते हैं, हमारा नेतृत्व भारतीयों के हाथ में है। हमारा किसी विदेशी सरकार या राजनीति से कोई संबंध नहीं। हमने FDI नियमों के तहत काम शुरू किया और हमारे बोर्ड में कोई तुर्की नागरिक नहीं। आगे कहा कि मुंबई में हमारे 3000 से ज़्यादा भारतीय कर्मचारी काम कर रहे हैं।'
अब क्या होगा?
जिन एयरलाइनों को सेलेबी सेवा दे रही थी, उन्हें दूसरी ग्राउंड हैंडलिंग कंपनियों से सेवाएं लेनी होंगी। यात्रियों को कुछ दिनों तक सुविधाओं में अस्थायी असर पड़ सकता है। सुरक्षा एजेंसियां अब एयरपोर्ट ऑपरेशंस में विदेशी लिंक को लेकर ज्यादा सतर्क होंगी।












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