Pakistan आर्मी को लेकर आतंकी का खुला कबूलनामा! पहलगाम के मास्टरमाइंड की स्कूल के मंच से भारत को धमकी
India vs Pakistan: लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक टॉप लीडर ने खुले तौर पर पाकिस्तान सेना और आतंकी संगठन के बीच संबंधों को स्वीकार किया है। हाफिज सईद के नेतृत्व वाले संगठन का डिप्टी चीफ और पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी ने दावा किया है कि उसे पाकिस्तानी सेना की ओर से नियमित रूप से कार्यक्रमों में शामिल होने और सैनिकों की अंतिम नमाज़ (जनाज़ा) पढ़ाने के लिए बुलाया जाता है।
सैफुल्लाह कसूरी ने यह बयान पाकिस्तान के एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए दिया। सामने आए एक बिना तारीख वाले वीडियो में वह यह भी कहता सुनाई दे रहा है कि 'भारत उसकी मौजूदगी से डरता है' और उसने नई दिल्ली के खिलाफ उकसावे भरे बयान भी दिए।

पाकिस्तान सेना को लेकर आतंकी का खुला कबूलनामा!
कसूरी ने कहा कि, 'पाकिस्तानी सेना मुझे बाकायदा न्योता भेजती है। मुझे अपने सैनिकों की अंतिम नमाज पढ़ाने के लिए बुलाया जाता है।' उसके इस बयान ने आतंकवाद पर कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान सरकार के अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किए जा रहे दावों की पोल खोल दी है। कसूरी का सार्वजनिक कबूलनामा यह साफ तौर पर दिखाता है कि पाकिस्तानी सेना और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के बीच सहयोग किस स्तर तक मौजूद है।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर किया बड़ा खुलासा
वीडियो में कसूरी यह कहते हुए भी सुनाई देता है, 'क्या आपको पता है भारत मुझसे डरता है?' इससे पहले वह यह भी मान चुका है कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान में मौजूद टेरर स्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, उसने दावा किया कि भारत ने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर 'गलती' की है और कश्मीर को लेकर लश्कर-ए-तैयबा के एजेंडे को दोहराते हुए कहा कि संगठन 'कश्मीर मिशन से कभी पीछे नहीं हटेगा।'
कसूरी ने कहा, 'भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर बड़ी गलती की।' इससे पहले पंजाब प्रांत के कसूर में एक रैली के दौरान भी कसूरी ने कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताए जाने के बाद वह दुनियाभर में मशहूर हो गया है।
पूरी दुनिया में जाना जाता है मेरा नाम
उसने कहा कि, 'मुझ पर पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगा, अब मेरा नाम पूरी दुनिया में जाना जाता है।' गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत के बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके बाद चार दिनों तक सीमा पार ड्रोन और मिसाइल हमले हुए, जिसके बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने पर सहमति बनी।












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