भारत के PM मोदी की सिक्योरिटी SPG कमांडो को कितनी मिलती है सैलरी? कैसे होता है सिलेक्शन? पूरा प्रोसेस
SPG Commando Salary & Selection Process: भारत के प्रधानमंत्री की सुरक्षा का दारोमदार विशेष सुरक्षा समूह (Special Protection Group) एसपीजी कमांडो के कंधों पर है। अपनी दक्षता के कारण इसे विश्वस्तरीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए जाना जाता है। इसकी स्थापना 1985 में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद की गई थी।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक नहीं हो, इसके लिए निरंतर प्रशिक्षण, उच्च तकनीकी उपकरणों का उपयोग और सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाता है। एसपीजी कमांडो दुनिया में सबसे घातक हथियारों से लैस होते हैं। आइए हम आपको एसपीजी कमांडो की सैलरी, चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षण के सभी पहलुओं को विस्तार से रूबरू कराते हैं...

SPG कमांडो की सैलरी
SPG कमांडो की सैलरी उनके रैंक और अनुभव के आधार पर अलग-अलग होती है। हालांकि, सामान्यतया उनकी सैलरी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के अन्य अधिकारियों की तुलना में अधिक होती है।
- नई भर्ती: SPG में एक नई भर्ती कांस्टेबल की मासिक सैलरी लगभग ₹70,000 से ₹90,000 तक हो सकती है।
- सीनियर अधिकारी: रैंक और अनुभव के अनुसार, सीनियर अधिकारियों की सैलरी ₹1,50,000 से ₹2,50,000 तक हो सकती है।
- अन्य भत्ते: इसमें विशेष भत्ते, जोखिम भत्ता, और अन्य लाभ भी शामिल होते हैं, जो सैलरी को और बढ़ाते हैं।
टॉप 1 SPG कमांडो व बैचों की संख्या?
1985 में SPG की स्थापना के बाद से अब तक कई बैच तैयार हो चुके हैं। हर साल नए कमांडो की भर्ती और प्रशिक्षण होता है, लेकिन सटीक संख्या आमतौर पर सार्वजनिक नहीं की जाती है। इसी तरह, SPG कमांडो के बारे में सटीक जानकारी गोपनीय होती है और सार्वजनिक रूप से साझा नहीं की जाती है, क्योंकि सुरक्षा कारणों से उनके नाम और पहचान को गुप्त रखा जाता है।

कैसे होता है SPG कमांडो का चयन? जानें पूरा प्रोसेस
प्रारंभिक चयन:
- SPG में चयन के लिए पहले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) या सेना में सेवा दे रहे अधिकारियों का चयन होता है।
- चयनित उम्मीदवारों का सेवा रिकॉर्ड, फिटनेस और अन्य मापदंडों के आधार पर प्रारंभिक चयन किया जाता है।
फिजिकल टेस्ट: उम्मीदवारों को अत्यंत कठोर शारीरिक परीक्षण से गुजरना होता है, जिसमें दौड़, कूद, तैराकी, और अन्य फिटनेस परीक्षण शामिल होते हैं।
मेंटल टेस्ट: शारीरिक परीक्षण के बाद मानसिक और मनोवैज्ञानिक परीक्षण होते हैं, जिनमें उनकी मानसिक स्थिरता, दबाव में काम करने की क्षमता और त्वरित निर्णय लेने की योग्यता का मूल्यांकन किया जाता है।
मेडिकल टेस्ट: उम्मीदवारों को संपूर्ण चिकित्सा परीक्षण से गुजरना होता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह फिट हैं।
ट्रेनिंग: चयनित उम्मीदवारों को अत्यधिक कठोर प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें हथियार चलाने की कला, करीबी मुकाबला, बम निष्क्रिय करना, गाड़ी चलाना, और VIP सुरक्षा तकनीकों का अभ्यास शामिल होता है।
प्रशिक्षण की अवधि आमतौर पर 9 महीने से 1 साल तक होती है।

SPG कमांडो का ट्रेनिंग
- हथियार चलाने की कला
- उच्च जोखिम परिस्थितियों में काम करना
- आपातकालीन चिकित्सा प्रशिक्षण
- बम और विस्फोटक उपकरणों को निष्क्रिय करना
- घुड़सवारी और मोटर बाइक चलाना
- आत्मरक्षा और मार्शल आर्ट्स












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