तो अब भारत के फौजी भी जाएंगे सीरिया आईएसआईएस के खिलाफ!
नई दिल्ली। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि अगर यूनाइटेड नेशंस भारत का प्रस्ताव स्वीकार करे तो वर्ल्ड कम्यूनिटी के झंडे तले आतंकी संगठन आईएसआईएएस के खिलाफ भारत अभियान में शामिल हो सकता है।

वाशिंगटन में अपने अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर के साथ एक अहम मुलाकात के बाद लौटे पर्रिकर ने यह भी कहा कि आईएसआईएस के बारे में भारत खुफिया सूचनाएं साझा कर रहा है और इस काम को मजबूत किया जाएगा।
विजय दिवस के अवसर पर अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पर्रिकर ने यहां इंडिया गेट पर मीडिया से बात करते समय यह बात ही।
उन्होंने कहा कि हम यह साफ कर चुके हैं कि अगर संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव और संयुक्त राष्ट्र का फ्लैग और संयुक्त राष्ट्र का मिशन हो तो तब संयुक्त राष्ट्र के बैनर तले काम करने की भारत की नीति के अनुरूप हम शामिल कार्रवाई में होंगे।
वह आईएसआईएस के खिलाफ अभियान में भारत के शामिल होने की संभावना के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।
खास तौर पर यह पूछे जाने पर कि क्या भारत संयुक्त राष्ट्र के ध्वज तले आईएसआईएस के खिलाफ अभियान में शामिल होगा तो उन्होंने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव स्वीकार करता है या नहीं।












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