United Nations: 'सीमा पर कब बंद करोगे आतंकवाद' भारतीय पत्रकार ने शरीफ की उतारी पतलून, चुप रह गए पाकिस्तानी PM
United Nations: यूनाइटेड नेशन्स महासभा के सत्र के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को एक भारतीय पत्रकार के तीखे सवाल का सामना करना पड़ा। यह घटना न्यूयॉर्क स्थित यूनाइटेड नेशन्स हेडक्वार्टर के भीतर हुई, जब शरीफ़ अपनी टीम के साथ बाहर निकल रहे थे।
पत्रकार का सवाल और शरीफ़ की चुप्पी'
एएनआई की पत्रकार आयुषी अग्रवाल ने शरीफ़ से पूछा, "प्रधानमंत्री शरीफ़, आप सीमा पार से आने वाले आतंकवाद को कब बंद करेंगे?" इस सवाल का जवाब देने के बजाय शरीफ़ चुपचाप अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ वहां से चले गए और काफी दूर जाने के बाद कुछ बड़बड़ाने लगे। उनकी चुप्पी ने इस घटना को और भी चर्चा का विषय बना दिया।

शरीफ़ का यूनाइटेड नेशन्स में भाषण
इससे पहले शुक्रवार को यूनाइटेड नेशन्स में अपने भाषण के दौरान शरीफ़ ने भारत के खिलाफ कई टिप्पणियां की थीं। उन्होंने भारत-पाकिस्तान के युद्धों का उल्लेख किया और अपनी सेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने हालिया संघर्ष में "युद्ध जीत लिया"। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा "सीजफायर" का भी ज़िक्र किया।
भारतीय पत्रकार के साहस की तारीफ़
वरिष्ठ पत्रकार आदित्य राज कौल ने आयुषी अग्रवाल के इस साहसिक सवाल की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा,
"भारतीय पत्रकार आयुषी अग्रवाल का पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से यूनाइटेड नेशन्स के भीतर यह साहसिक सवाल: 'आप सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करना कब बंद करेंगे?' आयुषी, आप पर गर्व है!"
भारत ने खारिज किए पाकिस्तानी दावे
भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के उन दावों को भी सख्ती से खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके देश ने "युद्ध जीत लिया"। भारत ने इसे "झूठा नैरेटिव" बताया और पाकिस्तान को आतंकवाद का महिमामंडन करने वाला देश कहा।
भारत का कड़ा जवाब
यूनाइटेड नेशन्स महासभा में भारत की स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने अपने 'राइट ऑफ रिप्लाई' में कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने आतंकवाद का महिमामंडन किया, जो उनकी विदेश नीति का मुख्य हिस्सा है।
पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर का ज़िक्र
गहलोत ने यह भी याद दिलाया कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के गुट द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। इस हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया।
युद्धविराम की मांग पाकिस्तान की ओर से
भारत ने बताया कि 9 मई तक पाकिस्तान भारत पर और हमलों की धमकी दे रहा था। लेकिन 10 मई को उसकी सेना ने सीधे तौर पर युद्धविराम की गुहार लगाई। भारत का दावा है कि उस समय भारतीय सेना ने कई पाकिस्तानी हवाई अड्डों को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसकी तस्वीरें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।
बर्बाद हुए एयरपोर्ट पर जश्न मनाएं आप- भारत
शरीफ़ ने यह दावा किया था कि पाकिस्तानी सेना ने भारत के हमलों को विफल कर दिया और सात भारतीय विमानों को "कबाड़ और धूल" में बदल दिया। भारत ने इस पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि अगर बर्बाद हुए रनवे और जले हुए हैंगर "जीत" जैसे दिखते हैं, तो पाकिस्तान इसका आनंद लेने के लिए स्वतंत्र है।
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