कोरोना संकट में भी भारत एक सफल देश बनने की ओर अग्रसर, पूरा फोकस कोई भुखमरी न हो: पीयूष गोयल
नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आत्मविश्वास और सफल होने की प्रतिबद्धता के साथ कोरोना संकट में भी भारत एक सफल देश बनने की ओर अग्रसर है, कोरोना महामारी के बीच सरकार ने नागरिकों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया है, हमारी पूरी कोशिश है कि कोरोना संकट के दौरान कोई भी भूखमरी का शिकार ना हो, हमने पूरे तीन महीने गुजार लिए हैं और एक भी व्यक्ति भूखा नहीं रहा, ये जीत केंद्र या राज्य सरकार की नहीं है, बल्कि ये जीत 130 करोड़ भारतीयों की है, बेनेट यूनिवर्सिटी के तीसरे ग्लोबल ऑनलाइन सेमिनार 'जान भी जहान भी' में बोलते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में भारत ने अपना वसुधैव कुटुम्बकम् का फर्ज निभाया है।

गोयल ने कहा कि भारत ने पिछले दो माह के दौरान करीब 120 देशों को पैरासिटामोल और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा का निर्यात किया है, गोयल ने कहा, 40 से ज्यादा देशों को ये दवाएं अनुदान या मुफ्त में दी गईं हैं, यदि हम ऐसा नहीं करते, तो शायद कुछ अमीर देश सारी दवाइयां खरीद लेते, गोयल ने अपने रिकार्ड भाषण में कहा कि किसी उड़ान में गड़बड़ी के दौरान दूसरों की मदद से पहले अपनी सीट बेल्ट बांधने की सलाह दी जाती है, इसलिए भारत ने यह सुनिश्चित किया कि अपनी जरूरतों को पहले पूरा किया जाए, उसके बाद हमने दुनिया के 120 देशों के तीन-चार अरब लोगों की सीट बेल्ट बांधने में मदद की।

यही नहीं पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्म-निर्भर भारत अभियान पर चीजें स्पष्ट करते हुए कहा कि स्वदेशी का यह मतलब नहीं की अपने अंदर देखो, स्वदेशी आपने आप में आत्मविश्वास से भी कहीं ज्यादा है, पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत वाले बयान को दोहराते हुए पीयूष गोयल ने कहा, आत्मानिर्भरता आने वाली अर्थव्यवस्था को नहीं दिखाता है और ना ही यह आपको दुनिया की अच्छी चीजों से दूर करने के लिए है, यह एक सकारात्मकता से दुनिया के साथ काम करने और उलझनों को खत्म करने के बारे में है।












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