ब्रिक्स: अफ्रीकी विदेश मंत्री ने कहा- गरीब देशों के साथ साझा की जाए कोविड वैक्सीन उत्पादन की तकनीक
नई दिल्ली, 01 जून। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ के मौके पर शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की। कोरोना वायरस काल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जा रही इस बैठक में भारत, चीन और ब्रिक्स समूह के अन्य तीन देशों को विदेश मंत्री शामिल हुए। इस दौरान भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने समकक्षों से कोरोना वायरस संक्रमण, वैक्सीनेशन, वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों, सतत विकास और आतंकवाद का मुकाबला जैसे विषयों पर चर्चा की।

मंत्री एस जयशंकर ने कहा, भारत ने ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ पर अध्यक्षता ग्रहण की है। साल 2006 में न्यूयॉर्क में पहली बार हमारे विदेश मंत्रियों की मुलाकात से अब हम बहुत आगे तक का सफर तय कर चुके हैं। हमारे समूह का मार्गदर्शन करने वाले सिद्धांत वर्षों से लगातार बने हुए हैं। बैठक में दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री नालेदी पंडोर ने कहा, 'दक्षिण अफ्रीका और भारत ने टीआरआईपीएस के कुछ पहलुओं की अस्थायी छूट के लिए विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के समक्ष एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है।'
South Africa & India have submitted proposal to WTO for temporary waiver of certain aspects of TRIPS to facilitate wider access, to technologies needed to produce vaccines & treatments so poorer countries with capacity could produce: South African Foreign Minister Naledi Pandor pic.twitter.com/KvcBBsb4Nj
— ANI (@ANI) June 1, 2021
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नालेदी पंडोर ने आगे बताया कि इस प्रस्ताव में कहा गया है कि टीआरआईपीएस के कुछ नियमों में छूट से टीकों के उत्पादन और उपचारों लिए आवश्यक तकनीक को साझा करने में आसानी होगी। इस तकनीक की से वैक्सीन निर्मित करने की क्षमता वाले गरीब देश भी टीकों का उत्पादन कर सकेंगे। बता दें कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की इस बैठक में ब्राजील के विदेश मंत्री कार्लोस अल्बर्टो फ्रेंको फ्रांका, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, चीनी विदेश मंत्री वांग यी भी मौजूद रहे।
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