डोकलाम विवाद: चीनी सीमा से सटे इलाकों में भारत बनाएगा सड़क, आर्मी ने दी जानकारी
हाल ही मे डोकलाम में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आ गए थे जिसके कुछ ही दिनों बाद भारत ने विवादित चीन-भारत सीमा पर रणनीतिक बुनियादी ढांचे के निर्माण की गति बढ़ाने का फैसला किया है।
नई दिल्ली। भारत ने चीन की सीमा से लगने वाली रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ऊंचे पर्वतों को जोड़ने के लिए सड़क बनाने का फैसला किया है। केंद्र सरकार ने इन सड़को के निर्माण के लिए तीन साल की समयसीमा निर्धारित की है। हाल ही मे डोकलाम में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आ गए थे जिसके कुछ ही दिनों बाद भारत ने विवादित चीन-भारत सीमा पर रणनीतिक बुनियादी ढांचे के निर्माण की गति बढ़ाने का फैसला किया है।

सीमा सुरक्षा को मजबूत करने का यह फैसला आर्मी कमांडरों की कॉन्फ्रेंस में लिया गया। भारत-चीन सीमा से लगे नीति, लिपुलेख, थांगला 1 को सड़क से जोड़ने का फैसला किया गया है। इसे 2020 तक पूरा करने की योजना है। इसमें सड़क सीमा संगठन (BRO) को अतिरिक्त धन मुहैया कराने का भी फैसला किया गया है ताकि सड़क और अन्य ढांचे को मजबूत बनाया जा सके।
डायरेक्टर जनरल स्टाफ ड्यूटी ले. जनरल विजय सिंह ने कॉन्फ्रेंस में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। इस कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्रालय के कई शीर्ष अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि उत्तरी सेक्टर में मजबूत निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि सेना किसी भी तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए हर वक्त तैयार रहे। सोमवार को शुरू हुए इस कॉन्फ्रेंस में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सभी कमांडरों को किसी भी तरह की परिस्थिति के लिए हमेशा तैयार रहने को कहा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने विवादित क्षेत्र से 10 किलोमीटर दूर सड़क को चौड़ा करने का काम शुरू कर दिया है। सिक्किम सेक्टर में आने वाले इस क्षेत्र में भारत, भूटान और चीन की सीमाएं लगती हैं। इस साल भारत और चीन के बीच 73 दिनों की तनातनी के बाद गत 28 अगस्त को सुलह हुई थी।












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