'सड़कों को खामोश नहीं होने देते', राहुल गांधी के मुरीद हुए बी सुदर्शन रेड्डी? बिहार SIR पर उठाए
INDIA गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी.सुदर्शन रेड्डी (B. Sudershan Reddy) ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जमकर तारीफ की। उन्होंने राहुल की प्रशंसा में कहा कि, वे सड़क को खामोश नहीं होने देते। साथ ही उन्होंने बिहार में चल रहे SIR को लेकर गंभीर चिंता जताई और इसे संविधान और लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बताया।
रेड्डी ने राममनोहर लोहिया की उक्ति का हवाला देते हुए कहा कि- 'जब सड़क खामोश है, सदन आवारा होती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने यह आदत बना ली है कि सड़कों को खामोश नहीं होने देते। रेड्डी ने कहा कि यही उनकी यात्रा का हिस्सा है, जिसमें वे लगातार एक के बाद एक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

राहुल गांधी की सड़कों पर बड़ी यात्राएं
राहुल गांधी ने बीते कुछ सालों में सड़क पर उतरकर कई बड़ी यात्राएं की हैं। सितंबर 2022 से जनवरी 2023 तक उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा निकाली, जिसमें कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक लगभग 3,570 किमी पैदल सफर किया और जनता से सीधे जुड़े। इसके बाद जून 2024 में भारत जोड़ो न्याय यात्रा शुरू की, जो मणिपुर से मुंबई तक चली और सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित रही। फिलहाल वे अगस्त 2025 में बिहार से वोटर अधिकार यात्रा पर हैं, जहां विपक्षी गठबंधन इंडिया (INDIA) के नेताओं के साथ मिलकर मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों की मजबूती को लेकर सड़क पर हैं।
बिहार SIR पर चिंता
बिहार में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर चिंता जताते हुए रेड्डी ने कहा कि 'सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (Universal Adult Suffrage) गंभीर चुनौती के घेरे में है। यह संविधान और लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है।' उन्होंने इसे आम आदमी के हाथ में मौजूद 'सबसे बड़ा हथियार' बताया और कहा कि अगर यह छीन लिया गया, तो लोकतंत्र में क्या बचेगा।
जाति जनगणना का अनुभव
रेड्डी ने तेलंगाना की जाति जनगणना का ज़िक्र करते हुए बताया कि उन्होंने (राहुल गांधी) इसके लिए एक्सपर्ट ग्रुप का नेतृत्व किया था। उन्होंने दावा किया कि इस रिपोर्ट ने तत्कालीन सरकार के लिए बड़ी चुनौती खड़ी की थी। रेड्डी ने उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया सिर्फ दिखावे के लिए नहीं बल्कि व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी।
उपराष्ट्रपति चुनाव और नामांकन
बी. सुधर्शन रेड्डी के नाम का ऐलान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया था। उनके नामांकन पत्रों पर सोनिया गांधी, खड़गे, डीएमके सांसद तिरुची सिवा, समाजवादी पार्टी सांसद राम गोपाल यादव समेत 80 सांसदों ने हस्ताक्षर किए। खड़गे ने उन्हें देश के सबसे प्रगतिशील और सम्मानित जुरिस्ट्स में से एक बताया।
राजनीतिक चुनौती और रेड्डी का जवाब
रेड्डी ने बताया कि जब एक सुप्रीम कोर्ट जज ने उनसे पूछा कि वह 'पॉलिटिकल थिकेट' (राजनीति की जटिल और उलझी दुनिया) में क्यों आ रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया- 'मेरी यात्रा 1971 में बतौर वकील शुरू हुई थी और यह चुनाव उसी यात्रा का हिस्सा है। उपराष्ट्रपति का पद कोई राजनीतिक संस्था नहीं है।'
मुकाबला और चुनाव की तारीख
रेड्डी का सामना एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan) से होगा। उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होगा, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त यानि आज है। यह चुनाव मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) के अचानक स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद हो रहा है।












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