कांग्रेस समेत 19 विपक्षी दल 20 सितंबर से केंद्र के खिलाफ करेंगे राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन, होंगी ये 11 मांग
नई दिल्ली, अगस्त 21। कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में देश के 19 विपक्षी दलों ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इन विपक्षी दलों के साथ एक अहम मीटिंग की थी, जिसमें मिशन 2024 से पहले सरकार को घेरने और विपक्षी एकता को लेकर चर्चा हुई। इसी मीटिंग में तय हुआ कि 20 सितंबर से सभी 19 विपक्षी दल सरकार की नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेंगे।

इन मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करेगा विपक्ष
आपको बता दें कि विपक्षी दलों का ये विरोध प्रदर्शन 30 सितंबर तक चलेगा और इसमें 11 सूत्री मांगों को सरकार के सामने रखा जाएगा। इन मांगों में पेगासस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच, कृषि कानूनों को रद्द करना, महंगाई पर लगाम और पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले केंद्र सरकार के उत्पाद शुल्क कमी की मांग शामिल है।
राष्ट्रव्यापी विरोध में ये पार्टियां होंगी शामिल
इस राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के अलावा, तृणमूल कांग्रेस, डीएमसी, शिवसेना, झारखंड मुक्ति मोर्चा, सीपीआई, सीपीएम, नेशनल कॉन्फ्रेंस, आरजेडी, एआईयूडीएफ, Viduthalai Chiruthaigal Katchi, लोकतांत्रिक जनता दल, जेडीएस, आरएलडी, आरएसपी, केरल कांग्रेस मणि, पीडीपी और आईयूएमएल शामिल होंगी।
केंद्र के रवैये की कड़ी निंदा करते हैं- विपक्षी दल
19 पार्टियों की तरफ से जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि हम केंद्र सरकार के रवैये की कड़ी निंदा करते हैं। जिस तरह उसने मानसून सत्र में व्यवधान डाला, पेगासस सैन्य स्पाईवेयर के गैरकानूनी उपयोग पर चर्चा कराने या जवाब देने से इनकार किया, कृषि विरोधी तीनों कानूनों निरस्त करने की मांग, कोविड महामारी के कुप्रबंधन, महंगाई और बेरोजगारी पर चर्चा नहीं कराई गई। विपक्षी दलों ने कहा कि सरकार की ओर से इन मुद्दों की अनदेखी की गई है।












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