कोरोना के मद्देनजर असम और आंध्र प्रदेश सरकार ने बकरीद को लेकर जारी की गाइडलाइन
असम के स्वास्थ्य मंत्री केशब महंत ने सोमवार को ईद अल-अधा (बकरीद) मनाने वाले नागरिकों से नमाज अदा करने और अपने-अपने घरों में ही जश्न मनाने का आग्रह किया।
नई दिल्ली, 19 जुलाई। असम के स्वास्थ्य मंत्री केशब महंत ने सोमवार को ईद अल-अधा (बकरीद) मनाने वाले नागरिकों से नमाज अदा करने और अपने-अपने घरों में ही जश्न मनाने का आग्रह किया। स्वास्थ्य मंत्री ने क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय को ईद की अग्रिम बधाई दी। बता दें कि वर्तमान कोविड की स्थिति को देखते हुए, राज्य भर में धार्मिक समारोहों सहित सार्वजनिक समारोहों को प्रतिबंधित कर दिया गया है।

कोरोना महामारी के बीच बकरीद को लेकर असम सरकार ने गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनके अनुसार मस्जिदों में धार्मिक प्रमुख सहित अधिकतम पांच व्यक्तियों के साथ नमाज की अनुमति होगी। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए कोविड प्रतिबंधों के बीच 21 जुलाई को ईद अल-अधा यानी बकरीद मनाई जाएगी। बता दें कि असम में 1.86 प्रतिशत के पॉजिटिवटी रेट के साथ कोरोना के 16,468 सक्रिय मामले हैं।
आंध्र प्रदेश ने भी जारी की गाइडलाइंस
कोरोना की वर्तमान स्थिति और इसकी संभावित तीसरी लहर को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को बकरीद को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए।
यह भी पढ़ें: 'मेरी प्रेग्नेंसी का पता चला तभी अंगद कोरोना संक्रमित हो गए, लॉकडाउन की वजह से भी...'
दिशा-निर्देशों के अनुसार ईदगाह या खुले स्थानों पर नमाज अदा नहीं की जाएगी और बड़ी सभाओं से बचने के लिए 50 प्रतिशत लोगों के साथ मस्जिदों में नमाज अदा करने की अनुमति होगी। सरकार के निर्देश के अनुसार यदि जरूरत पड़े तो नमाज एक साथ न कराकर मुसलमानों के लिए अलग-अलग नमाज कराई जा सकती है। वहीं मस्जिद में प्रवेश के लिए मास्क पहनना जरूरी है। बिना मास्क के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
इसके अलावा मस्जिद में नमाज अदा करने आने वाले मुस्लिम भाइयों को घर पर ही वुजू करने और नमाज के लिए अपनी चटाई साथ लाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा मस्जिद प्रबंधन को पर्याप्त मात्रा में सैनिटाइजर की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। सरकारी आदेश के अनुसार मस्जिद में प्रवेश करने और मस्जिद से बाहर निकलने के दौरान सभी के हाथों को सैनिटाइज कराया जाए।












Click it and Unblock the Notifications