NCC रैली में PM मोदी ने वन नेशन वन इलेक्शन पर दिया जोर, कहा-'एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जनता का भला'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के करिअप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2025 के समापन पर एनसीसी कैडेट्स की वार्षिक रैली को संबोधित किया। इस वर्ष के कार्यक्रम का विषय युवा शक्ति, विकासशील भारत था। जिसमें प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण और युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने एनसीसी की भूमिका को सराहा
अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने एनसीसी दिवस की शुभकामनाएं दी और राष्ट्रीय कैडेट कोर की अनुशासन और राष्ट्र निर्माण में भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एनसीसी सिर्फ एक संगठन नहीं। बल्कि युवाओं को अनुशासन और नेतृत्व कौशल सिखाने का माध्यम है। जो भारत के विकास को गति प्रदान करता है।

उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वाले 18 मित्र देशों के 150 कैडेटों का स्वागत करते हुए इसे एक वैश्विक मंच पर भारत की समृद्ध संस्कृति और विविधता का प्रदर्शन बताया।
गणतंत्र दिवस के 75 साल, संविधान का योगदान
प्रधानमंत्री मोदी ने गणतंत्र के रूप में भारत के 75 साल पूरे होने के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े सात दशकों में हमारे संविधान ने लोकतांत्रिक प्रेरणा प्रदान की और नागरिक कर्तव्यों के महत्व को बढ़ावा दिया। उन्होंने युवाओं को संविधान के सिद्धांतों को समझने और उन्हें अपने जीवन में लागू करने का आह्वान किया।
एक राष्ट्र, एक चुनाव का आह्वान
प्रधानमंत्री के संबोधन का प्रमुख बिंदु एक राष्ट्र, एक चुनाव की अवधारणा थी। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद के शुरुआती वर्षों को याद करते हुए कहा कि तब लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होते थे और इस व्यवस्था से हटने के नकारात्मक प्रभाव देश पर पड़े।
उन्होंने बार-बार चुनाव कराने की जटिल प्रक्रिया, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव और इसके चलते छात्रों की पढ़ाई में आने वाले व्यवधानों का जिक्र किया। मोदी ने युवाओं से इस विषय पर सक्रिय रूप से चर्चा में शामिल होने और इसके संभावित लाभों पर विचार करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे देशों में चुनाव हर चार साल में एक बार होते हैं। लेकिन हमारे यहां बार-बार चुनाव होने से संसाधनों का दुरुपयोग और विकास में बाधा उत्पन्न होती है।
युवाओं के लिए सुधारात्मक कदमों पर चर्चा
प्रधानमंत्री ने पिछले दशक में अपनी सरकार द्वारा युवाओं के सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से राजपत्रित अधिकारियों द्वारा दस्तावेज़ सत्यापन की आवश्यकता को हटाने और स्व-प्रमाणन की अनुमति देने जैसे सुधारों का उल्लेख किया। जिससे युवाओं को राहत मिली। उन्होंने कहा कि हमारे प्रयास युवाओं को उनके सपनों को साकार करने में सहूलियत और प्रेरणा देने के लिए हैं।
एनसीसी के योगदान और अनुशासन की प्रशंसा
मोदी ने एनसीसी कैडेट्स को अनुशासन और नेतृत्व के प्रतीक बताते हुए कहा कि वे भारत के भविष्य के नेता हैं। उन्होंने एनसीसी को देश की सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला संगठन बताया।
प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन भारत के विकास और युवाओं की भूमिका पर आधारित था। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही भारत की असली ताकत है। उनकी सशक्त भागीदारी से ही हमारा देश आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बनेगा।
एक राष्ट्र, एक चुनाव पर उनके विचार चुनावी सुधार की आवश्यकता पर एक व्यापक बहस को प्रेरित करते हैं। साथ ही एनसीसी और उसके योगदान की उनकी प्रशंसा भारत के युवाओं को नेतृत्व और अनुशासन के गुणों के साथ सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।












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