IIPM के निदेशक अरिंदम चौधरी गिरफ्तार, टैक्स में करोड़ों की गड़बड़ी का आरोप
नई दिल्ली: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्लानिंग एंड मैनेजमेंट (IIPM) के निदेशक अरिंदम चौधरी को एक बार फिर गिरफ्तार किया गया है। CGST साउथ दिल्ली कमिश्नरेट ने फाइनेंस एक्ट की धारा 89 के तहत 21 अगस्त को उनकी गिरफ्तारी की थी। उन पर टैक्स में हेराफेरी का आरोप है। इससे पहले उन पर IIPM की फर्जी डिग्री देने का आरोप लगा था। उस वक्त भी उनकी गिरफ्तारी हुई थी।

सूत्रों के मुताबिक अरिंदम चौधरी पर इस बार टैक्ट चोरी का आरोप लगा है। ये गिरफ्तारी करीब 23 करोड़ के सर्विस टैक्स क्रेडिट के अनुचित दावे से संबंधित आरोपों में की गई है। अरिंदम के सहयोगी गुरुदास मलिक ठाकुर को भी इसी धारा के तहत गिरफ्तार किया गया है, जो कंपनी के निदेशक हैं। दोनों को पटियाला हाउस कोर्ट में मजिस्ट्रेट ज्योति माहेश्वरी के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सूत्रों के मुताबिक अब जांच में देश के अलावा उनकी विदेशी संपत्तियों को भी कवर किया जाएगा।
पहले क्या था विवाद
दरअसल 1973 में अरिंदम चौधरी के पिता ने IIPM की स्थापना की थी। अरिंदम ने यहीं से पहले ग्रेजुएशन और फिर पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक IIPM में हर साल 3500 के करीब छात्र एडमिशन लेते थे, जो 14-18 लाख रुपये पीस देते थे। इस संस्था का दावा था कि वो IIM बेल्जियम की डिग्री देता है। इस बीच 'करियर्स 360' ने संस्थान के दावे की पड़ताल की, जिस पर यूनिवर्सिटी ऑफ बकिंघम ने IIPM के साथ किसी समझौते की बात से इनकार किया। बाद में 2009 में छात्रों ने मान्यता को लेकर IIPM के कैंपस में प्रदर्शन किया था। एक्टर शाहरुख खान भी IIPM के ब्रांड एंबेसडर रह चुके हैं।












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