ओमिक्रॉन को हल्के में ले रहे हैं तो बहुत बड़ी भूल कर रहे हैं, जानिए क्यों कह रहे हैं एक्सपर्ट?
नई दिल्ली, 13 जनवरी: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार सुबह तक बीते 24 घंटें में कोविड के 2,47,417 नए केस सामने आए हैं और डेली पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 13.11% हो चुकी है। देश में कई जगहों पर रोजाना आने वाले संक्रमणों की संख्या पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। ओमिक्रॉन का केस कंफर्म होने में ज्यादा समय लगता है, लेकिन यूरोप और अमेरिका के बाद कम से कम दिल्ली के मामलों को देखने के बाद कहा जा सकता है कि संक्रमण की रफ्तार में कोविड के नए वेरिएंट का बहुत बड़ा रोल है। लेकिन, चिंता की बात ये है कि देश में ओमिक्रॉन को हल्का बताने के लिए खूब दलीलें दी जा रही हैं। क्योंकि, इसमें गंभीर बीमारी का खतरा कम बताया जा रहा है। लेकिन, कई स्वास्थ्य एक्सपर्ट इस सोच को लेकर सख्त चेतावनी दे रहे हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि ओमिक्रॉन के संक्रमण से हर संभव बचने की कोशिश कीजिए। यह हमारे भविष्य से जुड़ा मामला है।

ओमिक्रॉन को हल्के में ना लें-एक्सपर्ट
कई लोगों के बीच में यह बहस चल रही है कि आखिरकार सबको ओमिक्रॉन वेरिएंट की चपेट में आना ही है। क्योंकि, यह बहुत ही तेजी से फैल रहा है। यह भी सही है कि कोरोना वायरस के पिछले वेरिएंट ऑफ कंसर्न के मुकाबले ओमिक्रॉन से बीमारी कम गंभीर हो रही है। जो लोग ऐसा सोच रहे हैं कि आखिरकार सबको ओमिक्रॉन की चपेट में आना है तो एक्सपर्ट ऐसे लोगों को खासकर सावधान कर रहे हैं। जानकार ओमिक्रॉन वेरिएंट को हल्के में लेने से इसलिए सावधान कर रहे हैं, क्योंकि इसके संक्रमण में एसिम्पटोमेटिक रहने की भी बहुत संभावना है, लेकिन यह बहुत तेजी से फैलता है यह बात भी उतना ही सच है। इसका मतलब है कि बहुत ही ज्यादा लोग इसकी चपेट में आएंगे और उनमें से कई की बीमारी भी गंभीर होगी। अगर वैश्विक रूप से देखें तो अभी एक बहुत बड़ी आबादी कोविड वैक्सीन से वंचित रह गई है और उनके लिए यह वेरिएंट चिंता की वजह बन सकता है।

........बाद में बेहतर है
रॉकफेलर यूनिवर्सिटी के वायरस एक्सपर्ट माइकल नुसेंजवेग ने कहा, 'मैं मानता हूं कि अभी या बाद में हर कोई संक्रमित होगा, लेकिन बाद में बेहतर है।........क्यों? क्योंकि बाद में हमारे पास बेहतर और ज्यादा दवाइयां और वैक्सीन उपलब्ध होंगी।' ओमिक्रॉन से सावधान रहने की एक वजह यह भी है कि हल्के लक्षणों वाले या एसिम्पटोमेटिक लोग दूसरों को तो संक्रमित कर ही सकते हैं, जिनको ज्यादा गंभीर बीमारी भी हो सकती है। यही नहीं, ओमिक्रॉन का लंबे समय बाद क्या असर होता है, उसका कोई डाटा अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे हल्के में लेना लोगों को जोखिम में डालने की तरह है, क्योंकि इसकी वजह से कोरोना लंबे समय तक भी खिंच सकता है। यही नहीं, ओमिक्रॉन संक्रमण के 'गुप्त' प्रभाव के बारे में भी अभी किसी को कुछ नहीं पता।

ओमिक्रॉन सामान्य सर्दी नहीं है- एक्सपर्ट
यही वजह है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी से सहमति जताते हुए भारत सरकार के स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी ओमिक्रॉन को सामान्य सर्दी-खांसी समझने की गलती नहीं करने की अपील की है। नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा, 'ओमिक्रॉन सामान्य सर्दी नहीं है, इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। हमें सावधान रहना होगा, वैक्सीन लगवानी होगी और कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करना होगा।' उन्होंने ये भी कहा कि 'हॉस्पिटलाइजेशन कम जरूर है, लेकिन बहुत ज्यादा स्तर पर फैल रहा है। हमें अपनी तैयारियों में ढील नहीं देनी चाहिए।' यह सही है कि आज की तारीख में देश में अधिकतर कोविड बेड खाली हैं। लेकिन,अमेरिका और यूके में किस तरह से अस्पतालों में भर्ती होने वालों की तादाद बढ़ी उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हमसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के बावजूद उनका स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर दबाव में आ चुका है।

दो वर्षों में इस वायरस ने विभिन्न तरह से चौंकाया है-एक्सपर्ट
वैज्ञानिकों की शोध में यह बात भी सामने आ चुकी है कि ज्यादा संक्रमण का मतलब है कि वायरस को और ज्यादा म्यूटेशन का मौका मिलना। हाल ही में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के भारतीय मूल के वैज्ञानिक ने दावा किया था कि अत्यधिक संक्रामक होने के बावजूद ओमिक्रॉन घातक नहीं है तो इसका मतलब ये नहीं है कि यह वायरस कमजोर पड़ रहा है। बल्कि, भविष्य में बहुत ज्यादा घातक वेरिएंट आने का भी संकेत हो सकता है। रॉयटर्स ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी और इम्यूनोलॉजी के प्रोफेसर डेविड हो के हवाले से कहा है कि 'कोरोना वायरस ने हमें पिछले दो वर्षों में विभिन्न तरह से चौंकाया है, और हमारे पास इसके विकासवादी रास्ते की भविष्यवाणी करने का कोई रास्ता नहीं है।'
-
Kerala Assembly Elections 2026: 'BJP वोट खरीद रही' , राहुल गांधी को पसंद करने वाली Shama Mohamed कौन हैं ? -
LPG Price Today: कमर्शियल सिलेंडर पर सरकार ने दी बड़ी राहत, आज क्या है आपके शहर में एलपीजी का रेट? -
Raghav Chadha कौन सी पार्टी करेंगे ज्वाइन? कैसे हुई 'धुरंधर' के असलम से मुलाकात? Viral तस्वीर पर उठे सवाल -
Radhikaraje Gaekwad को है बेटा ना होने का मलाल? 25000 करोड़ के महल में रहने वाली रानी ने खोला राज -
Ayesha Takia ने मुस्लिम से निकाह के बाद होठों पर सहा इतना दर्द, बदल गई सूरत, तस्वीरों ने खोला राज! -
Monalisa निकली नाबालिग, मुस्लिम पति पर POCSO केस दर्ज, 16 की उम्र में कैसे हुई महाकुंभ वायरल गर्ल की शादी? -
Iran US War Peace Talks: संकट में ईरान-अमेरिका शांति वार्ता, नहीं गया ईरान! धरी रह गई शरीफ की तैयारी! -
Gold Rate Alert: भारत में सोना खरीदना अब और होगा महंगा? रूस के फैसले से बढ़ सकते हैं दाम, 1 मई से दिखेगा असर -
Ayesha Takia Love Story: सलमान खान की हिंदू हीरोइन ने 23 साल की उम्र में इंटरफेथ लव मैरिज, क्या अपनाया इस्लाम? -
Yamuna Boat Capsized: यमुना में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी, 10 लोगों की मौत, कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा? -
Silver Rate Today: चांदी में भारी गिरावट, 3671 गिरे दाम, अब 100 ग्राम से 1 किलो तक,किस भाव में मिल रहा सिल्वर -
Gold Rate Today: सोना सस्ता हुआ या महंगा? दिल्ली से मुंबई तक क्या है 22K और 18K के रेट, अभी खरीदें या रूके?












Click it and Unblock the Notifications