IAS Love Story: पहली नजर में ही फरियादी को दिल दे बैठा था ये IAS! पढ़ें अजब प्रेम की गजब कहानी
Sanjay Kumar Khatri IAS Love Story: आज हम आपको एक ऐसे IAS के बारे में बताएंगे जो कि अक्सर अपने तेज-तर्रार अंदाज के लिए चर्चा में रहता है।
कभी योगी सरकार से तकरार तो कभी दंबगों की क्लास लगाने वाले संजय कुमार खत्री यूपी के कई शहरों में डीएम की पोस्ट संभाल चुके हैं, एक ईमानदार और कर्मठ छवि के मालिक संजय कुमार खत्री की निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा में रहती है।

दरअसल साल 2010 बैच के अधिकारी संजय कुमार खत्री ने प्रेम विवाह किया है लेकिन कहा जाता है कि उन्हें जिस लड़की को अपना हमसफर चुना है वो एक फरियादी के तौर पर उनसे ऑफिस मिलने आई थी, जिसे देखते ही वो उन्हें दिल बैठे और फिर दोनों ने शादी कर ली। आपको बता दें कि संजय कुमार खत्री की पत्नी का नाम विजयलक्ष्मी है।
एक डीएम को फरियादी से प्यार हो गया!
19 नवंबर 2017 को दोनों ने धूमधाम से शादी की थी, ये शादी काफी चर्चित थी और हर जगह यही कहा जा रहा था कि एक डीएम को फरियादी से प्यार हो गया लेकिन शादी के बाद विजयलक्ष्मी के भाई ने सारी मीडिया रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा था कि विजयलक्ष्मी और संजय कुमार खत्री पहले से ही एक-दूसरे को जानते थे।
विजयलक्ष्मी किसी काम के सिलसिले में संजय से मिली थीं!
संजय के डीएम बनने के बाद विजयलक्ष्मी किसी काम के सिलसिले में उनसे मिलने उनके ऑफिस आई थी जिसे कि लोगों ने फरियादी बना दिया और ये कहा कि डीएम ने फरियादी लड़की से शादी कर ली।
विजयलक्ष्मी गाजीपुर की रहने वाली हैं
दरअसल विजयलक्ष्मी गाजीपुर की रहने वाली हैं, जब संजय खत्री की तैनाती डीएम के रूप में गाजीपुर में हुई थी तब विजयलक्ष्मी से उनकी मुलाकात होने लगी और फिर दोनों के घरवालों ने मिलकर इनकी शादी करा दी।
कोई फर्क नहीं पड़ता की लोग उनके बारे में क्या कह रहे हैं...
उनके भाई ने कहा था कि अब दोनों की शादी हो चुकी है और दोनों आपस में काफी खुश और सुखी हैं, हालांकि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता की लोग उनके बारे में क्या कह रहे हैं और क्या सोच रहे हैं। दोनों समझदार हैं और अपनी लाइफ में बिजी हैं।

कौन हैं संजय कुमार खत्री?
आपको बता दें कि राजस्थान के बाड़मेर के रहने वाले संजय कुमार खत्री की स्कूली शिक्षा गांव में हुई, इन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से लॉ किया है, दिल में अधिकारी बनने की चाहत थी और इसी कारण इन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने 88वां रैंक के साथ UPSC क्रैक किया और वो IAS बने।

कौन हैं विजय लक्ष्मी?
गाजीपुर के मध्यम वर्गीय परिवार की रहने वाली विजयलक्ष्मी ने लुदर्स कॉन्वेंट इंटर कॉलेज से इंटर की पढ़ाई की है, इन्होंने बहुत कम उम्र में ही अपने पिता को खो दिया था। पढ़ने में ये काफी अच्छी थीं और इसी वजह से इन्होंने UPSC की तैयारी करने की सोची और दिल्ली तैयारी के लिए पहुंची और इसी दौरान उनकी मुलाकात संजय खत्री से हुई थी, वो UPSC एग्जाम में सफल नहीं हो पाई थी लेकिन संजय सेलेक्ट हो गए थे जिसके बाद वो वापस गाजीपुर लौट आई थीं।












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