Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

कारगिल जंग की हीरो रही स्क्वाड्रन को मिली राफेल की कमान, इस एयरबेस पर तैनात होंगे नए फाइटर प्लेन

Recommended Video

    Indian Air Force के 17 Squadron को Rafale की कमान, Pakistan के छुड़ाये थे छक्के | वनइंडिया हिंदी

    अंबाला। फ्रांस से खरीदे जाने वाले लड़ाकू विमान राफेल की तैनाती अंबाला वायुसेना स्टेशन पर की गई है। राफेल को करगिल युद्ध में अदम्य साहस दिखाने वाली 'गोल्डन ऐरोज' 17 नंबर स्क्वाड्रन में रखा गया है। भारतीय वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने 17 स्क्वाड्रन को फिर से गठित किया है। जो राफेल को संचालित करने वाली पहली इकाई होगी। स्क्वाड्रन के गठन पर बोलते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि, कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह को स्क्वाड्रन प्रतीक चिन्ह सौंपते हुए मुझे खुशी हो रही है।

     'गोल्डन ऐरोज' 17 स्क्वाड्रन को फिर से गठित किया गया

    'गोल्डन ऐरोज' 17 स्क्वाड्रन को फिर से गठित किया गया

    वायु सेना प्रमुख बी एस धनोआ मंगलवार को अंबाला वायु सेना बेस पहुंचे। यहां पर एक समारोह में उन्होंने 'गोल्डन ऐरोज' 17 स्क्वाड्रन को फिर से गठित करने की ऐलान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एयर चीफ मार्शल ने कहा कि, 'गोल्डन ऐरोज' पेशेवर उत्कृष्टता और समर्पण का एक प्रतीक रहा है। अंबाला के साथ 17 स्क्वाड्रन का जुड़ाव 1951 में यहां बनने के बाद से ही है। यह अंबाला में फिर वापस आ गया है।

    करगिल जंग में हीरो है 17 स्क्वाड्रन

    करगिल जंग में हीरो है 17 स्क्वाड्रन

    '17 गोल्डन एरो स्क्वाड्रन' राफेल उड़ाने वाली पहली स्क्वाड्रन होगी। एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन अनुपम बैनर्जी ने बताया कि अम्बाला में गोल्डन एरो स्क्वाड्रन को तैनात किया जा रहा है। फ्रांस से 36 राफेल खरीदे जा रहे हैं। इन्हें पाक सीमा के पास अम्बाला और चीन सीमा के पास हाशीमारा एयरबेस पर तैनात किया जाना है। राफेल इसी माह से मिलने लगेंगे। 17 नंबर स्क्वाड्रन में पहले मिग 21 (टाइप-96) फाइटर जेट था जो कि बठिंडा में तैनात थे। अब इस स्क्वाड्रन के सभी मिग 21 रिटायर हो चुके हैं इसलिए इस स्क्वाड्रन में अब राफेल को शामिल किया जा रहा है।

    3 साल पहले स्क्वाड्रन को वायुसेना ने भंग कर दिया था

    एक दिलचस्प बात ये है कि करगिल युद्ध के दौरान वायुसेना प्रमुख ने इसी 17 नंबर स्क्वाड्रन को कमांडिंग ऑफिसर यानि सीओ के तौर पर कमांड किया था। लेकिन 3 साल पहले स्क्वाड्रन को वायुसेना ने भंग कर दिया था। जिसे मंगलवार को एक बार फिर से जीवित किया गया है। स्क्वाड्रन की स्थापना 1951 में की गयी थी और शुरू में इसने हैविलैंड वैंपायर एफ एमके 52 लड़ाकू विमानों की उड़ानों को संचालित किया था। 1999 के युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर के समय स्क्वाड्रन बठिंडा एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात थी।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+