'मन किया कि उन्हें उन्हीं की चप्पल से मारुं'....तब उद्धव ने योगी आदित्यनाथ पर की थी अमर्यादित टिप्पणी
नई दिल्ली, 24 अगस्त: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार ने जिस अमर्यादित टिप्पणी के लिए केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को गिरफ्तार कर लिया है, उससे भी ज्यादा अशोभनीय टिप्पणी खुद कभी उद्धव भी कर चुके हैं। उनका तीन साल पुराना बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। उस बयान में उद्धव ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को चप्पल से पीटने की बात कही थी। अब बीजेपी के कुछ नेताओं ने उसी आधार पर उद्धव की गिरफ्तारी की भी मांग शुरू कर दी है। हालांकि, तब योगी ने उद्धव की उस विवादित टिप्पणी को ज्यादा तूल नहीं दिया था। जबकि, उस समय बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस ही महाराष्ट्र के सीएम थे।

उद्धव भी योगी पर कर चुक हैं अशोभनीय टिप्पणी
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के खिलाफ जो आपत्तिजनक टिप्पणी की है, उससे महाराष्ट्र ही नहीं देश की राजनीति में भूचाल आया हुआ है। राणे को आखिरकार उनकी टिप्पणी के लिए महाराष्ट्र सरकार ने गिरफ्तार कर लिया और अदालत से भी फौरन राहत नहीं मिली। लेकिन, मई 2018 की बात है। उद्धव ठाकरे ने तब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ उससे भी ज्यादा आपत्तिजनक बातें कही थीं। हैरानी की बात ये है कि तब महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे और राज्य में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की सरकार थी। फिर भी यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने उद्धव की अशोभनीय टिप्पणी का बहुत ही मर्यादित तरीके से जवाब दिया था और बात वहीं खत्म हो गई थी।

'मेरा मन किया कि उन्हें उन्हीं के चप्पल से मारूं'
अब राणे के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर उद्धव को आईना दिखाया जा रहा है। घटना मई, 2018 की है। तब उद्धव ने कथित रूप से एक जनसभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चप्पल से पीटने की बात कही थी। दरअसल, उद्धव का आरोप था कि योगी बिना खड़ाऊं उतारे छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर पर माल्यार्पण करने पहुंच गए थे। उन्होंने योगी को ढोंगी बताते हुए कहा था, 'वे चप्पल पहनकर शिवाजी महाराज को माला पहनाने पहुंच गए। मेरा मन किया कि उन्हें उन्हीं के चप्पल से मारूं। वह कोई योगी नहीं, भोगी है। योगी होते तो सब छोड़कर गुफा में चले जाते।'

योगी आदित्यनाथ ने तब क्या प्रतिक्रिया दी थी ?
उद्धव ठाकरे के उस आपत्तिजनक टिप्पणी पर योगी आदित्यनाथ ने बहुत ही शालीनता के साथ जवाब दिया था। उन्होंने कहा था,'मुझमें उनसे कहीं ज्यादा शिष्टाचार है। मुझे पता है कि श्रद्धांजलि कैसे दी जाती है। मुझे उनसे सीखने की आवश्यकता नहीं है।' असल में तब आदित्यनाथ के खिलाफ उद्धव ने इसलिए ऐसी बहकी हुई बात कह दी थी, क्योंकि पालघर उपचुनाव की एक रैली में योगी ने शिवसेना पर भाजपा की पीठ में खंजर घोंपकर अपने उम्मीदवार खड़े करने का आरोप लगा दिया था। योगी ने बोला था कि शिवसेना के इस कदम से बाला साहब की आत्मा को भी ठेस लगा होगा। योगी ने रैली में उद्धव की पार्टी की तुलना अफजल खान से भी कर दी थी।

नारायण राणे ने उद्धव के खिलाफ क्या कहा था ?
दरअसल, भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने सोमवार को महाराष्ट्र के रायगढ़ में सीएम उद्धव ठाकरे पर आरोप लगाया था कि उन्हें 15 अगस्त के दिन भाषण के दौरान यह भी सहयोगी से पूछना पड़ा कि आजादी के कितने साल हो गए। उद्धव पर यही आरोप लगाते हुए वो बोल गए कि 'यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को स्वतंत्रता का साल मालूम नहीं है। वह अपने भाषण के दौरान स्वतंत्रता के साल के बारे में पूछने के लिए पीछे घूम गए। अगर मैं वहां होता, तो उनको एक जोरदार तमाचा लगा देता।' लेकिन, अब जब उद्धव का कारनामा सामने आ रहा है तो बीजपी के नेता उद्धव की गिरफ्तारी की भी मांग करने लगे हैं।












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